Thursday, 15 September 2022

Jabalpur: घोटाले के आरोप में फंसे बिशप पीसी सिंह पर कड़ा एक्शन, सभी पदों से हटाया गया

चर्च की जमीनों के फर्जीवाड़े और करोड़ों रुपये की नगदी जमा करके रखने वाले बिशप पीसी सिंह (Bishop PC Singh) पर अब क्रिश्चियन समाज ने भी बड़ी कार्रवाई की है. उन्हें बिशप सहित सभी पदों से हटा दिया गया है. बता दे कि द बोर्ड ऑफ एजुकेशन चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया डायोसिस जबलपुर के बिशप पीसी सिंह के खिलाफ पद का दुरुपयोग कर फर्जीवाड़ा किए जाने की ईओडब्ल्यू (EOW) द्वारा जांच की जा रही है. अब इस मामले में सीएनआई भवन दिल्ली ने पीसी सिंह को बिशप सहित सभी पदों से हटा दिया है. वहीं उनके स्थान पर बीके नायक को जबलपुर (Jabalpur) सहित देश के 27 डायोसिस की जवाबदेही सौंपी गई है. उधर रिमांड के दूसरे दिन भी बिशप से ईओडब्ल्यू कार्यालय में बैंक खातों और जमीन संबंधी दस्तावेजों को लेकर पूछताछ की गई.


बैठक बुलाकर की गई चर्चा

बिशप की नागपुर (Nagpur) से गिरफ्तारी होने के मुद्दे पर सीएनआई धर्मसभा की बैठक बुलाकर इस विषय पर गंभीरतापूर्वक चर्चा की गई. सदस्यों ने कहा कि इस पूरे मामले से संस्था की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. सभी सदस्यों ने निर्णय लिया कि पीसी सिंह माडरेटर के रूप में कार्य करने में असमर्थ हैं. ऐसी स्थिति में उनके स्थान पर उप माडरेटर बीके नायक को सभी डायोसिस की जिम्मेदारी  सौंपी गई है.बैठक में पीसी सिंह के मामले में एक जांच समिति का गठन किए जाने का भी निर्णय लिया गया है.


खातों से विदेशों में हुआ लेनदेन

ईओडब्ल्यू जांच टीम के अनुसार बिशप के नाम पर खुले 128 बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है. वहीं बैंक खातों के संबंध में पीसी सिंह से पूछताछ किए जाने पर यह बात सामने आई है कि उनके खातों से विदेशों में भी ट्रांजेक्शन किया गया है. इस जानकारी के आधार पर जांच टीम को बैंक संबंधी जो दस्तावेज मिले हैं, उन्हें खंगालकर यह पता लगाया जा रहा है कि विदेश में किया गया ट्रांजेक्शन किस संस्था या किस कार्य के लिए किया गया था. वहीं चर्च से जुड़ी जमीनों के दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है.


चर्च की जमीनें बेचने में फर्जीवाड़ा

जबलपुर में एक पत्रकर वार्ता में एंग्लिकन चर्च ऑफ इंडिया की सचिव मधुलिका ज्वायसे ने बिशप पीसी सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि पद का दुरुपयोग करते हुए बिशप और उनके करीबियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर मध्य प्रदेश, दिल्ली, यूपी और मुंबई में चर्च की बेशकीमती जमीनें बेची हैं. इन मामलों में पीसी सिंह के खिलाफ कई मामले दर्ज कराए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि अंडरवर्ल्ड से भी बिशप के संबंध होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. वहीं बिशप और उनके सहयोगी मप्र और यूपी में लोगों को लालच देकर उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराते रहे हैं. उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में सुको ने सीएनआई को पूरी तरह अवैध घोषित कर दिया था जिसका परिणाम यह हुआ कि सीएनआई के लिए तमाम अवैध कामों के रास्ते खुल गये. इसका सबसे अधिक नुकसान एंग्लिकन चर्च के भरोसे का हुआ.

Lorem ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry.