Wednesday, 7 September 2022

‘स्कूल ठीक करना अच्छा, लेकिन इस गति से सौ साल से ज़्यादा लग जाएँगे’, सीएम केजरीवाल ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिख कर दी सलाह

नई दिल्ली: शिक्षक दिवस के अवसर पर पीएम मोदी ने ‘पीएम-श्री स्कूल योजना’ की घोषणा की है. इस योजना के तहत स्कूलों में शोध उन्मुख, ज्ञान आधारित शिक्षण पर जोर दिया जाएगा. नवीनतम तकनीक, स्मार्ट क्लासरूम, खेल व आधुनिक सुविधाओं पर ध्यान दिया जाएगा. हालांकि इस योजना के तहत पूरे भारत में सिर्फ 14,500 स्कूलों को ही आधुनिक बनाया जाएगा.


दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने केंद्र की इस योजना को लेकर पीएम मोदी को चिट्ठी लिख कर सलाह देते हुए कहा है कि, प्रधानमंत्री ने 14,500 स्कूलों को अपग्रेड करने का एलान किया है. अच्छी बात है.


उन्होंने आगे कहा कि, ‘लेकिन देश में 10 लाख सरकारी स्कूल हैं. इस तरह तो सारे स्कूल ठीक करने में सौ साल से ज़्यादा लग जाएँगे. आपसे अनुरोध है कि सभी दस लाख स्कूलों को एक साथ ठीक करने का प्लान बनाया जाए.’




पीएम को लिखी चिट्ठी में क्या हैं अरविंद केजरीवाल के सुझाव




आदरणीय प्रधानमंत्री जी,


मुझे मीडिया से पता चला है कि केंद्र सरकार ने देश भर में 44,500 स्कूलों को अपग्रेड करने की योजना बनायी है. ये बहुत अच्छी बात है. पूरे देश में सरकारी स्कूलों की हालत बहुत ख़राब है। उनको अपग्रेड और आधुनिक

बनाने की बहुत ज़रूरत है.


देश भर में रोज़ 27 करोड़ बच्चे स्कूल जाते हैं. इनमें लगभग 48 करोड़ बच्चे सरकारी स्कूलों में जाते हैं. 80% से ज़्यादा सरकारी स्कूलों की हालत किसी कबाड़खाने से भी ज़्यादा ख़राब है. अगर करोड़ों बच्चों को हम ऐसी शिक्षा

दे रहे हैं तो सोचिए भारत कैसे विकसित देश बनेगा?


4947 में हमसे बहुत बड़ी गलती हुई. देश आज़ाद होते ही सबसे पहले हमें भारत के हर गाँव और हर मोहल्ले में शानदार सरकारी स्कूल खोलने चाहिए थे. कोई भी मुल्क अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिए बिना तरक़्क़ी नहीं

कर सकता। 4947 में हमने ऐसा नहीं किया. ज़्यादा दुःख की बात ये है कि अगले 75 साल भी हमने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने पर ध्यान नहीं दिया. क्या भारत अब और वक्त बर्बाद कर सकता है?


आपने केवल 44,500 सरकारी स्कूलों को ठीक करने की योजना बनायी है. देश भर में दस लाख से ज़्यादा सरकारी स्कूल हैं. ऐसे तो सारे सरकारी स्कूलों को ठीक करने में सौ साल से भी ज़्यादा लग जाएँगे. तो क्या अगले सौ

साल भी हम दूसरे देशों से पीछे रह जाएँगे? देश के हर सरकारी स्कूल में शानदार शिक्षा की व्यवस्था के बिना हमारा देश विकसित देश नहीं बन सकता. 


देश के 430 करोड़ लोग अब और रुकने के लिए तैयार नहीं हैं. सब लोग चाहते हैं कि भारत दुनिया का नम्बर वन देश बने, भारत एक अमीर देश बने, भारत एक सर्वश्रेष्ठ और शक्तिशाली देश बने.


इसलिए मेरा आपसे आग्रह है कि 4,500 की बजाय सारे दस लाख सरकारी स्कूलों को शानदार बनाने की योजना बनायी जाए. इसमें सभी राज्य सरकारों को साथ लिया जाए और अगले पाँच वर्षों में इसे कार्यान्वित किया

जाए. सारा देश यही चाहता है.


दिल्‍ली में हमने बहुत कम पैसों में सरकारी स्कूल बहुत शानदार बना दिए. राष्ट्र निर्माण के इस कार्य में हम पूरी तरह आपका सहयोग करेंगे.


सादर,

श्री नरेंद्र मोदी जी,

माननीय प्रधानमंत्री

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