Saturday, 17 September 2022

उद्धव से झूठ बोल रहे हैं उनके सांसद? धोपेश्वर रिफाइनरी प्रोजेक्ट मामले में विनायक राउत पर झूठ बोलने का आरोप

मुंबई: शिवसेना (Shivsena) के सांसद विनायक राऊत मुश्किलों में फंसते हुए नजर आ रहे हैं। उनके ऊपर पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) से झूठ बोलने और गलत जानकारी देने का मामला सामने आया है। यह मामला धोपेश्वर रिफायनरी प्रोजेक्ट (Dopeshwar Refinery Project) से जुड़ा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट को लेकर तकरीबन 90 प्रतिशत स्थानीय नागरिकों का समर्थन है। जबकि 10 प्रतिशत लोग इस प्रोजेक्ट के खिलाफ हैं। हालांकि इस प्रोजेक्ट के बारे में विनायक राऊत (Vinayak Raut) ने उद्धव ठाकरे को यह बताया था कि 90 प्रतिशत स्थानीय नागरिकों का इस प्रोजेक्ट को लेकर विरोध है। अब इसी बात की शिकायत स्थानीय लोगों ने युवासेना प्रमुख आदित्य ठाकरे से की है। यह शिकायत राजापुर (Rajapur) के शिवसेना उप विभाग प्रमुख संतोष चव्हाण ने की है। इस शिकायत में ग्राम पंचायत सदस्यों के भी हस्ताक्षर हैं। कार्यकर्ता की शिकायत पर अपने सांसद के खिलाफ उद्धव ठाकरे क्या फैसला लेते हैं। इसपर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।


दरअसल शुक्रवार को आदित्य ठाकरे ने कोंकण के रत्नागिरी में एक सभा को संबोधित किया था। जिसमें उन्होंने शिंदे गुट पर जोरदार हमला बोला था। इसी सभा के दौरान यह शिकायत की गई हैं। उद्धव ठाकरे फिलहाल एकनाथ शिंदे की बगावत का सामना कर रहे हैं। जिसके बाद उन्हें सत्ता से बेदखल होना पड़ा और खुद शिंदे, बीजेपी के साथ मिलकर महाराष्ट्र की सत्ता पर काबिज हो चुके हैं। ऐसे में उद्धव ठाकरे के ही विश्वसनीय सांसद द्वारा इस तरह का झूठ बोला जाना शिवसेना और ठाकरे परिवार के लिए निश्चित तौर पर चिंताजनक है।


शिकायत में क्या कहा गया?

शिकायत में कहा गया है कि राजापुर तहसील के तकरीबन सवा सौ गांव इस प्रोजेक्ट के समर्थन में हैं जबकि विरोध करने वाले दो-चार गांव ही हैं। ऐसे में विरोध करने वाले गांवों को अलग करके भी इस प्रोजेक्ट को शुरू किया जा सकता है। रत्नागिरी जिले में लोगों जनसंख्या धीरे-धीरे कम होता जा रही है। इसके पीछे प्रमुख कारण यह है कि स्थानीय युवकों को रोजगार न मिलने की वजह से वे मुंबई पुणे जैसे शहरों की तरफ रुख कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ आमों और मछली के लिए प्रसिद्ध कोंकण में प्राकृतिक आपदाओं की वजह से रोजगार के अवसर भी कम हो रहे हैं। ऐसे में यहां रोजगार का इंतज़ाम करना बेहद जरूरी है।

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