Thursday, 1 September 2022

ICMR-NIRRH ने गर्भवती महिलाओं में मंकीपॉक्स को लेकर सिफारिशें प्रकाशित कीं, जानें क्या है रिपोर्ट

पुणे: भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ (NIRRCH) ने ‘द लैंसेट रीजनल हेल्थ-साउथ ईस्ट एशिया जर्नल’ में भारत में गर्भवती महिलाओं में मंकीपॉक्स (MPX) संक्रमण को लेकर सिफारिशें प्रकाशित की हैं. गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं और छोटे बच्चों में एमपीएक्स (MPX) संक्रमण का खतरा अधिक है और ये गंभीर बीमारी इन पर और इनसे जुड़े लोगों पर प्रतिकूल परिणाम दिखा सकती है.


हालांकि इससे पहले, ICMR- NIRRCH ने चिकित्सा शिक्षा और औषधि विभाग और ग्रेटर मुंबई नगर निगम के BYL नायर अस्पताल के सहयोग से ‘कोविड-19 के दौरान गर्भवती महिलाओं में कोविड के लिए “PregCovid” का पंजीकरण कराया था. अब इस पंजीकरण के अनुभव के आधार पर, लेखकों ने भारत में गर्भवती महिलाओं में ‘मंकीपॉक्स संक्रमण’ को संबोधित करने के लिए रणनीतियों की सिफारिश की है.


वेलकम इंडिया एलायंस क्लिनिकल एंड पब्लिक हेल्थ के बायोटेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट और आईसीएमआर-एनआईआरआरसीएच के रिसर्च फेलो डॉ. राहुल गजभिये ने बताया, “हम भारत में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं में एमपीएक्स के निदान और प्रबंधन के लिए दिशानिर्देशों के विकास की सलाह देते हैं. हमें गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं में ‘एमपीएक्स’ के प्रबंधन में लगे वैश्विक विशेषज्ञों को शामिल करने की आवश्यकता है ताकि भारत के लिए उपयुक्त साक्ष्य-आधारित दिशा-निर्देश और कम-संसाधन सुरक्षा विकसित की जा सकें. इन दिशानिर्देशों को समय-समय पर जरूरत पड़ने और वैश्विक आंकड़ों के आधार पर संशोधित किया जा सकता है. हम ‘एमपीएक्स’ वायरस के संपर्क में आने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके नवजात शिशुओं की पंजीकरण रफ्तार बढ़ाने की मांग करते हैं, ताकि इनमें एमपीएक्स की सटीक जानकारी मिल सके.


बीवाईएल नायर अस्पताल में एसोसिएट प्रोफेसर और प्रसूति और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज महाजन और उनके सह-लेखक ने बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा, “हमारे भारतीय क्षेत्र के लिए, हम ‘नवजात एमपीएक्स संक्रमण’ के जोखिम की बारीकी से अध्ययन की सलाह देते हैं. इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं और उसके सगे-संबंधियों पर एमपीएक्स के रिस्क का अध्ययन जरूरी है. चूंकि इसका ऊर्ध्वाधर संचरण और घातक मृत्यु के जोखिम के सबूत हैं, हम एमपीएक्स से संक्रमित गर्भवती महिला को उचित देखभाल प्रदान करने के लिए कड़ी निगरानी की सलाह देते हैं.”


आईसीएमआर-एनआईआरआरसीएच की निदेशक और सह-लेखक डॉ. गीतांजलि सचदेवा ने कहा, “गर्भवती महिलाओं और उनके नवजात शिशुओं में एमपीएक्स के प्रबंधन के लिए एक बहु-विषयक टीम (Multidisciplinary Team) स्थापित करने और भारत में एमपीएक्स के प्रकोप के लिए सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता है.”


सीडीसी मंकीपॉक्स आउटब्रेक ग्लोबल मैप के अनुसार, दुनिया भर में 98 स्थानों से संक्रमण के 45,535 मामले मिले हैं. इनमें से 45,148 मामले उन 91 स्थानों से हैं, जहां कभी भी मंकीपॉक्स की सूचना नहीं मिली थी. भारत दक्षिण पूर्व एशिया का पहला देश था जिसने 14 जुलाई को मंकीपॉक्स की पुष्टि की थी. तब से, 1 मौत के साथ कुल 10 मामले सामने आए हैं. भारत में इससे पहले मंकीपॉक्स के मामलों की सूचना नहीं मिली थी.

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