Thursday, 1 September 2022

अमित शाह के मुंबई दौरे में पहले लालबाग के राजा का दर्शन, फिर BMC चुनाव का शुरू होगा मिशन

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मुंबई आ रहे हैं. महाराष्ट्र में शिंदे-फडणवीस सरकार बनने के बाद पहली बार वे मुंबई आ रहे हैं. कोरोना काल के दो साल छोड़ दिए जाएं तो वे जब बीजेपी अध्यक्ष बने थे तब से ही लगातार ‘लालबाग के राजा‘ के दर्शन के लिए मुंबई आते रहे हैं. 5 सितंबर को मुंबई आकर इस बार भी वे सबसे पहले बप्पा का दर्शन करेंगे फिर मुंबई महानगरपालिका के चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे. मुंबई दौरे के दौरान वे सीएम शिंदे, डिप्टी सीएम फडणवीस, मुंबई बीजेपी अध्यक्ष आशीष शेलार से मुलाकात करेंगे और बीएमसी चुनाव की रणनीति तय करेंगे.


अमित शाह के बाद 15-16 सितंबर को बीजेपी अध्यक्ष जे.पी.नड्डा भी मुंबई दौरे पर आएंगे. फिलहाल अमित शाह के कार्यक्रम की बात करें तो वे लालबाग के राजा के अलावा सिद्धि विनायक मंदिर भी जाएंगे. यहां से वे सीएण एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी के मुंबई अध्यक्ष आशीष शेलार के घर पर विराजमान गणपति के दर्शन करेंगे.


गणेश दर्शन के बाद बीएमसी चुनाव अभियान का करेंगे श्री गणेश

गणेश जी के दर्शन के बाद अमित शाह मुंबई महानगरपालिका चुनाव के नजरिए से एक बेहद अहम बैठक करने वाले हैं. पिछले पचीस सालों से बीएमसी में ठाकरे की शिवसेना की सत्ता है. बीजेपी ने शिवसेना को बीएमसी से बेदखल कर अपनी सत्ता हासिल करने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए बीजेपी की ओर से खास रणनीति तैयार की जा रही है. इन्हीं रणनीतियों पर चर्चा होगी और मिशन मुंबई महानगरपालिका की शुरुआत हो जाएगी.


‘अपनी सरकार आई तो हिंदू त्योहारों से सारे विघ्न टले’

दही-हांडी से लेकर गणेश चतुर्थी तक जो बीजेपी की रणनीति समझ आ रही है, उसमें त्योहारों को धूमधाम से मनाने का आह्वान किया जा रहा है और इसमें किसी ना किसी हद तक यह जताने की कोशिश हो रही है कि शिंदे-फडणवीस सरकार आने की वजह से ऐसा हो रहा है. यानी त्योहारों में रौनक कोरोना खत्म होने की वजह से ही नहीं बल्कि सरकार बदलने की वजह से ही लौटी है.


ऐसे ही पोस्टर्स और होर्डिंग्स लगाए जा रहे हैं, जिनमें यह लिखा जा रहा है कि- ‘अपनी सरकार आई है, त्योहारों से सारे विघ्न टल गए हैं.’ अमित शाह इसी रणनीति का एक्सटेंशन या इसमें कोई बदलाव करना हो तो उसके सुझाव दे सकते हैं. यानी हिंदुत्व और हिंदू त्योहारों के एजेंडे को लेकर बीएमसी मिशन की शुरुआत का प्लान तैयार किया जा रहा है.


विपक्ष को समझ आ रही बीजेपी की रणनीति

ऐसा नहीं है कि विपक्ष यह समझ नहीं रहा है कि बीजेपी की रणनीति क्या है? यही वजह है कि किसी जमाने में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष रह चुके एनसीपी नेता एकनाथ खडसे का कहना है कि इतनी महंगाई में त्योहार क्या मनाएं. कोरोना जाने से नियमों में ढिलाई की गई है. बीजेपी इसमें भी क्रेडिट ले रही है. महंगाई इतनी बढ़ रही है और बीजेपी कह रही है कि त्योहार धूमधाम से मनाओ, क्या बकवास बात है. जवाब में केंद्रीय मंत्री भागवत कराड ने कहा कि चीन और अमेरिका जाकर देखो, वहां से यहां कम ही महंगाई है.


एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील भी यह सवाल कर रहे हैं कि हिंदू त्योहारों को धूमधाम से मनाने में शिंदे और फडणवीस का क्या रोल है? क्या बीजेपी ने कोरोना भगाया है? कोरोना नहीं होता तो ठाकरे सरकार प्रतिबंध ही नहीं लगाती और पहली बार लॉकडाउन तो केंद्र की मोदी सरकार ने लगाया था.


आशीष शेलार कर रहे हैं बीएमसी की रणनीति तैयार

बीएमसी की रणनीति तैयार करने का काम बीजेपी के मुंबई अध्यक्ष आशीष शेलार कर रहे हैं. बीजेपी की रणनीति में एक तरफ तो हिंदुत्व है तो दूसरी तरफ परिवारवाद के खिलाफ जंग है. शेलार बार-बार अपने संबोधन में हिंदुत्व और हिंदू त्योहारों की बात के साथ ही एक और बात कह रहे हैं कि मुंबई से एक परिवार की जमीनदारी खत्म होनी चाहिए. उन्होंने अपना लक्ष्य यह कह कर बताया है कि बीजेपी के 200 से ज्यादा नगरसेवक चुने जाएंगे और 2024 के लोकसभा चुनाव में 45 से ज्यादा सांसद निर्वाचित होंगे.

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