Wednesday, 3 August 2022

SC ने उद्धव गुट की याचिका पर शिंदे गुट से नए सिरे से जवाब देने को कहा, गुरुवार को अगली सुनवाई

मुंबई: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में हालिया राजनीतिक संकट के मद्देनजर शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट की ओर से दायर याचिकाओं में उठाए गए कुछ संवैधानिक सवालों को लेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नीत प्रतिद्वंद्वी गुट से बुधवार को नए सिरे से जवाब दाखिल करने को कहा है। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति (CJI) एन वी रमण, जस्‍ट‍िस कृष्ण मुरारी और जस्‍ट‍िस हिमा कोहली की बेंच शिवसेना और बागी विधायकों की ओर से दायर याचिकाओं में पार्टी के बंटवारे, विलय, बगावत और अयोग्यता को लेकर उठाए गए संवैधानिक सवालों पर सुनवाई कर रही थी। अब सुप्रीम कोर्ट की बेंच गुरुवार को सबसे पहले इस मामले पर सुनवाई करेगी।


कोर्ट में उद्धव ठाकरे गुट का पक्ष रखने के लिए पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि शिंदे गुट में जाने वाले विधायक संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अयोग्यता से तभी बच सकते हैं, अगर वे अलग हुए गुट का किसी अन्य पार्टी में विलय कर देते हैं। उन्होंने पीठ से कहा कि उनके बचाव का कोई अन्य रास्ता नहीं है।


शिंदे गुट से हरीश साल्‍वे ने रखा पक्ष

शिंदे गुट का पक्ष रखने के लिए पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा कि दलबदल कानून उन नेताओं के लिए हथियार नहीं है जो पार्टी के सदस्यों को एकजुट रखने में सफल नहीं हुए हैं। तथ्यात्मक पहलुओं का हवाला देते हुए साल्वे ने कहा कि यह मामला विधायकों की ओर से स्वेच्छा से अपनी पार्टी की सदस्यता छोड़े जाने का नहीं है।


गुरुवार को अगली सुनवाई

साल्वे ने कहा क‍ि यह दलबदल नहीं है। यह पार्टी की आंतरिक बगावत का मामला है और किसी ने भी स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता नहीं छोड़ी है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद बेंच ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई गुरुवार को करेगी और फैसला देने के मुद्दे को तय करेगी। कोर्ट ने साल्वे से कानूनी सवालों का पुन: जवाब तैयार करने को कहा। बेंच गुरुवार को सबसे पहले इस मामले पर सुनवाई करेगी।

Lorem ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry.