Thursday, 25 August 2022

Mumbai: शिवसेना के खिलाफ कांग्रेस-भाजपा के एक सुर, मुद्दा मुंबई के सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार की जांच का

मुंबई की सड़कों के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार की जांच को लेकर शिवसेना के खिलाफ भाजपा व कांग्रेस के सुर एक हो गए हैं। पहले कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद मिलिंद देवड़ा ने आरोप लगाया, इसके बाद भाजपा ने भी सीबीआई जांच की उनकी मांग का समर्थन कर दिया। इस बीच, महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने भी कहा कि देवड़ा ने कुछ गलत नहीं कहा है। जब से बीएमसी में भाजपा-शिवसेना का कब्जा है, उन्होंने मुंबई को डूबो दिया। 


देवड़ा ने बुधवार को बीएमसी पर आरोप लगाया था। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि बीएमसी ने 2017 से 2022 तक पांच साल में सड़कों पर करीब 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए। यह राशि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बजट की करीब 10 फीसदी है। इसके बाद भी हर साल मुंबईकरों को सड़क के गड्ढों की समस्या का सामना करना पड़ता है। मुंबई को यह जानने का हक है कि देश की सबसे अमीर नगर पालिका को कौन लूट रहा है? उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या महाराष्ट्र सरकार के पास सीबीआई की जांच करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति है? 


मिलिंद देवड़ा के ट्वीट के मुताबिक 2017-18 में 2300 करोड़, 2018-19 में 2250 करोड़, 2019-20 में 2560 करोड़, 2020-21 में 2200 करोड़ और 2021-22 में 2350 करोड़ खर्च किए गए है। इसके अलावा सड़कों के रखरखाव की लागत अलग है। गड्ढों के लिए कोल्ड मिक्सचर पर सालाना 45 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं।


नाना पटोले बोले-शिवसेना भाजपा की बीएमसी ने मुंबई को डुबोया

देवड़ा की मांग के बाद गुरुवार को महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि मिलिंद ने जो कहा, वह गलत नहीं है। मुंबई के कई मेयर हमारी पार्टी के रहे हैं, तब जब भी बारिश हुई, मुंबई में बाढ़ नहीं आई, लेकिन जब से बीएमसी पर भाजपा-शिवसेना काबिज हुई है, उन्होंने मुंबई को डुबो दिया। सड़कें भी खराब हालत में है।


फडणवीस से मिले थे देवड़ा

महाराष्ट्र में सत्तापलट के बाद मिलिंद देवड़ा ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। इसमें उन्होंने वार्ड के पुनर्गठन की मांग की थी। उधर, शिवसेना विधायक सदा सर्वंकर ने वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए एसीबी से जांच की मांग की है।


बता दें, शिवसेना-कांग्रेस-राकांपा ने महाविकास अघाड़ी बनाकर करीब तीन साल महाराष्ट्र में राज किया था। जून में शिंदे गुट की बगावत के बाद उद्धव ठाकरे नीत अघाड़ी सरकार गिर गई। इसके बाद अब अघाड़ी के तीनों दल में बिखरते नजर आ रहे हैं। 


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