Tuesday, 2 August 2022

संजय राउत से आज फिर सवाल-जवाब करेगी ED, जानें- कौन है शिवसेना सांसद का फ्रंट मैन

मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Money Laundering Case) में शिवसेना सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) से उनके वकील की मौजूदगी में पूछताछ करेगी। संजय राउत के वकील उनसे मिलने ईडी कार्यालय पहुंचेगे और वकील के सामने संजय राउत से पूछताछ होगी। इससे पहले मुंबई की स्पेशल कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार संजय राउत को सोमवार को चार अगस्त तक के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया। ईडी ने राउत की आठ दिन की हिरासत मांगी थी।


संजय राउत और उनकी पत्नी के खाते में ट्रांसफर हुए थे पैसे

बता दें कि सोमवार को ईडी की ओर से पेश विशेष अधिवक्ता हितेन वेनेगांवकर ने अदालत को संजय राउत के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का विवरण देते हुए कहा कि उनके एक सहयोगी प्रवीण राउत को 2010 में निर्माण कंपनी एचडीआइएल से 112 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। इसके बाद प्रवीण राउत के खाते से संजय राउत और उनकी पत्नी वर्षा राउत के खातों में 1,06,44,375 रुपये ट्रांसफर किए गए थे। वेनेगांवकर के अनुसार, इन्हीं पैसों से राउत द्वारा अलीबाद में कई भूखंड खरीदे गए थे। इस खरीद-फरोख्त की पुष्टि कुछ विक्रेताओं से भी की जा चुकी है कि इन भूखंडों की खरीद के लिए पैसे प्रवीण राउत द्वारा अदा किए गए थे।


जानें- कौन है संजय राउत का फ्रंट मैन, जिसका ईडी ने किया जिक्र

ईडी ने अपने आरोप में प्रवीण राउत का उल्लेख संजय राउत के 'फ्रंट मैन' के रूप में किया है। ईडी का कहना है कि प्रवीण राउत जिस भवन निर्माण कंपनी गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन लिमिटेड का एक निदेशक था, वह बड़ी निर्माण कंपनी एचडीआइएल की एक सहयोगी कंपनी के रूप में काम करती थी। गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को ही 2007 में गोरेगांव की पत्रा चाल के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जो कभी पूरी नहीं हो सकी। ईडी ने संजय राउत पर जांच में सहयोग नहीं करने, ईडी द्वारा पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर नहीं आने और गवाहों को धमकाने का आरोप भी लगाया है। ईडी ने कहा कि वह इस बात के सुबूत भविष्य में अदालत के सामने पेश करेगी।


राउत के अधिवक्ता ने बताया ईडी के सामने क्यों नहीं हुए उपस्थित

संजय राउत के बचाव में उतरे वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक मुंदरगी ने इस मामले को राजनीति से प्रेरित करार देते हुए कहा कि राज्य में राजनीतिक परिस्थितियां बदलने के कारण ही 2018 से चल रहे इस मामले को अब तूल दिया जा रहा है। ईडी द्वारा लगाए गए जांच में सहयोग नहीं करने के आरोप पर मुंदरगी ने तर्क दिया कि राउत राज्य में हुए सभी चुनावों में पूरी तरह व्यस्त थे। उन्होंने ईडी को सूचित किया था कि वह जांच से भाग नहीं रहे हैं, वह दिल्ली में थे और संसद के मानसून सत्र में हिस्सा ले रहे थे।

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