Tuesday, 16 August 2022

वंदे मातरम न बोलने पर जेल नहीं... भारत भूमि के वंदन पर ऐतराज क्यों? मुनगंटीवार का सवाल


मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) के सांस्कृतिक मंत्री सुधीर मुनगंटीवार (Sudhir Mungantiwar) का एक आदेश अब शिंदे सरकार (Shinde Government) के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। दरअसल मंत्री पद की शपथ लेने के बाद मुनगंटीवार ने यह आदेश दिया था कि सभी सरकारी कार्यालयों में फोन उठाने पर 'हेलो' की जगह 'वंदे मातरम' बोला जाएगा। अब इसी बात का विरोध शुरू हो चुका है। मुंबई (Mumbai) की रजा एकेडमी ने एतराज जताते हुए कहा है कि हम सिर्फ अल्लाह की इबादत करते हैं। ऐसे में वंदे मातरम (Vande Mataram) की जगह कोई दूसरा विकल्प दिया जाए। वहीं मुनगंटीवार का कहना है कि अगर किसी ने वंदे मातरम नहीं बोला तो उसे तुरंत जेल में नहीं बंद किया जाएगा। लेकिन भारत भूमि का वंदन करने में किसी को तकलीफ क्यों है?


क्या बोले मुनगंटीवार?

वंदे मातरम बोलने का विरोध करने वाले लोगों को सुधीर मुनगंटीवार ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री के रूप में यह निर्णय लिया है। किसी पार्टी का क्या मत है यह मेरे लिए मायने नहीं रखता। महाराष्ट्र की जनता को इस फैसले का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को विरोध जताने का अधिकार है। हमे लोगों को समझना होगा, उनका हृदय परिवर्तन करना होगा। मुझे भी इस नियम का पालन करना होगा। संविधान ने भी वंदे मातरम को राष्ट्रगान के बराबर का दर्जा दिया है। लिहाजा इसका विरोध करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि आगामी 26 जनवरी तक हम इस अभियान को चलाएंगे ताकि लोगों की जुबान पर वंदे मातरम आ सके।


सुधीर मुनगंटीवार ने क्या कहा था?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को राज्य के 20 सदस्यीय मंत्रिमंडल के विभागों का बंटवारा क‍िया था। इस दौरान सुधीर मुनगंटीवार को वन, मत्स्य विकास और सांस्कृतिक मामलों के विभाग दिए गए हैं। सांस्कृतिक कार्य मंत्री बनने के बाद उन्होंने नया फरमान जारी क‍िया था। जिसके मुताबीक अब सरकारी कार्यालयों में फोन पर हेलो बोलने की बजाय वंदे मातरम बोला जाएगा। इस पर उनका तर्क है कि हेलो जैसे शब्‍द विदेशी हैं। ऐसे में इन शब्दों का त्याग करना जरूरी है। उनका कहना है कि वंदे मातरम सिर्फ एक शब्द नहीं है बल्कि हर भारतीय की भावना है।

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