Wednesday, 10 August 2022

सुप्रीम कोर्ट से वरवरा राव को मिली जमानत, मुंबई नहीं छोड़ने का आदेश

भीमा कोरेगांव केस में गिरफ्तार किए गए वरवरा राव को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जमानत दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वरवरा राव की उम्र 82 साल है. वह ढाई साल जेल में बिता चुके हैं. उनकी तबीयत लगातार खराब है. इसे देखते हुए ही सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत प्रदान की है. सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि यह भी कहा है कि वह किसी गवाह से संपर्क नहीं करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वरवरा मुंबई नहीं छोड़ सकते हैं और अपनी मेडिकल कंडीशन के बारे में प्राधिकार को सूचित करेंगे.


सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा है कि वरवरा राव को मेडिकल कंडीशन के आधार पर जमानत प्रदान की गई है. अन्य आरोपियों के लिए रेगुलर जमानत इस मामले को आधार बनाकर नहीं मांगी जा सकेगी. वरवरा राव की उम्र 83 साल है.


वरवरा राव ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती

वरवरा राव ने स्वास्थ्य के आधार पर स्थायी जमानत संबंधी उनकी अपील को बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से खारिज किए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दाखिल की थी. बता दें कि यह मामला 31 दिसंबर, 2017 में पुणे में आयोजित एल्गार परिषद के कार्यक्रम में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने से जुड़ा है. पुणे पुलिस का दावा है कि इस भाषण की वजह से अगले दिन कोरेगांव-भीमा में हिंसा फैली और इस कार्यक्रम का आयोजन करने वाले लोगों के माओवादियों से संबंध हैं. मामले की जांच बाद में एनआईए को सौंप दी गई थी.


सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए से मांगा था जवाब

इससे पहले 19 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी पी वरवरा राव की चिकित्सा आधार पर नियमित जमानत दिए जाने की मांग वाली याचिका पर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) को नोटिस जारी कर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा था. जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस एसआर भट और जस्टिस सुधांशु धूलिया की एक पीठ ने एनआईए को नोटिस जारी किया था और कहा था कि मामले पर 10 अगस्त को सुनवाई की जाएगी. न्यायालय ने कहा था कि राव को दी गई अंतरिम सुरक्षा जारी रहेगी. उससे पहले शीर्ष अदालत ने 12 जुलाई को राव को दी गई अंतरिम सुरक्षा अगले आदेश तक बढ़ा दी थी.

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