Tuesday, 9 August 2022

मंत्रिमंडल विस्तार में पंकजा मुंडे नहीं आईं, फडणवीस से तकरार बरकरार?

Maharashtra: महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार का आज (मंगलवार, 9 अगस्त) पहला चरण पूरा हुआ. बीजेपी से 9 और शिंदे गुट की शिवसेना से 9 मंत्रियों ने शपथ ली. लेकिन इस मंत्रिमंडल में एक भी महिला को शपथ नहीं दिलाई गई. एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने ट्वीट कर इस पर कटाक्ष करते हुए सीधे पीएम नरेंद्र मोदी से ही सवाल किया कि, ‘आप कहते हैं, महिलाएं होममेकर बनने के साथ-साथ नेशन बिल्डर भी बनें. लेकिन बीजेपी और शिंदे गुट की सरकार में एक भी महिला को मंत्री नहीं बनाया गया.’ एक और बात, पंकजा मुंडे इस कार्यक्रम मेंं मौजूद नहीं रहीं.

मंत्रिमंडल विस्तार में किसी महिला को जगह क्यों नहीं मिली? इसके जवाब में शिंदे गुट के चीफ व्हिप भरत गोगावले ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार का यह पहला चरण है. थोड़ा सब्र करें, आगे महिलाओं को शामिल किया जाएगा.लेकिन इसका जवाब बीजेपी की ओर से किसी ने नहीं दिया है कि मंत्रिमंडल विस्तार में पंकजा मुंडे की गैरमौजदूगी का कारण क्या है? क्या फडणवीस और मुंडे के बीच तकरार बरकरार है? लेकिन पंकजा के करीबी विनोद तावड़े तो मौजूद रहे. इन दोनों ने राज्य की राजनीति में फडणवीस के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंका था. इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने इन दोनों को राष्ट्रीय राजनीति में खींच लिया था. बाद में पंकजा और फडणवीस के बीच सब ठीक होने की खबरें सामने आई थीं. फडणवीस जब उप मुख्यमंत्री बने थे तब वे उनके साथ-साथ चलती हुई दिखाई दी थीं. लेकिन आज मंत्रिमंडल विस्तार में वे नहीं आईं. ऐसा क्यों? यह बात राज्य में चर्चा का मुद्दा बन रही है.

पंकजा मुंडे चर्चा में बनी रहीं, कार्यक्रम में नहीं रहीं

ढाई साल तक सत्ता से बाहर रहने के बाद महाराष्ट्र में शिंदे गुट के साथ मिल कर बीजेपी की सरकार बनी है. केंद्रीय रेल राज्य मंत्री राव साहेब दानवे समेत कई केंद्रीय नेता मंत्रिमंडल विस्तार से जुड़े इस कार्यक्रम में मौजूद रहे, बस पंकजा ताई गायब रहीं. वे नाराजगी की वजह से नहीं आईं, या किसी और काम में व्यस्त होने की वजह से, यह चर्चा का मुद्दा बना हुआ है. या फिर एक वजह यह हो सकती है कि मंत्रिमंडल विस्तार में उनके समर्थकों को मौका नहीं मिला है. लेकिन सवाल यह भी तो है कि फडणवीस के होते हुए उनके समर्थकों को मंत्री बनने का मौका मिलेगा, इसकी उम्मीद भी उन्होंने की होगी, इसका संभावना कम है.

वैसे तो केंद्रीय मंत्री नारायण राणे भी इस कार्यक्रम में सम्मिलित नहीं हुए. लेकिन इसकी वजह उन्होंने पहले ही बता दी थी. उनकी भाभी का देहांत होने की वजह से वे कणकवली में हैं और इस वजह से वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकेंगे, इसकी पहले ही उन्होंने सूचना दे दी थी. लेकिन पंकजा मुंडे किसी अनिश्चित कारण से मौजूद नहीं हुईं.

बीजेपी के 9 मंत्रियों ने ली शपथ, ये सभी फडणवीस के विश्वस्त

बीजेपी के जिन 9 मंत्रियों ने शपथ ली, उनमें चंद्रकांत पाटील, अतुल सावे, गिरीश महाजन, सुधीर मुनगंटीवार, रवींद्र चव्हाण- ये सब फडणवीस के विश्वस्त माने जाते हैं. मंत्री पद की शपथ लेने वाला एक भी विधायक पंकजा मुंडे का समर्थक नहीं है. शायद यही एक वजह हो सकती है पंकजा मुंडे के मंत्रिमंडल विस्तार से जुड़े कार्यक्रम में शामिल ना होने की.

वरना वे राज्यसभा और विधानपरिषद के चुनाव के वक्त तो राज्य में काफी सक्रिय दिखाई दे रही थीं. शिवसेना में जब शिंदे गुट की ओर से बगावत की गई थी तब भी बीजेपी की मीटिंग्स में वे शामिल हो रही थीं. इससे ऐसा लगा था कि उनके मन की कटुता दूर हो गई है और वे राज्य की राजनीति में एक बार फिर सक्रिय होती हुई दिखाई दे रही हैं. लेकिन एक बार फिर पंकजा मुंडे मंत्रिमंडल विस्तार से जुड़े कार्यक्रम में गैरमौजूद रहीं. इससे एक बार फिर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है.

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