Monday, 29 August 2022

मुंबई से पटना पहुंचे लालबाग के राजा, सोना और हीरे जड़ा है मुकुट; दो साल बाद आया ये खास मौका

Patna : बिहार की राजधानी पटना में दो वर्षो बाद गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश का उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। महाराष्ट्र मंडल की ओर से आयोजित गणेश उत्सव का आगाज बुधवार से होगा। दो वर्षो बाद लालबाग के राजा भगवान गणपति श्रद्धालुओं को दर्शन देकर उनके मनोरथ को पूर्ण करेंगे। गत दो साल कोरोना संक्रमण के प्रतिबंधों के कारण महोत्‍सव बेहद सीम‍ित तरीके से मनाया गया। 


महाराष्‍ट्र मंडल परिसर में चल रही तैयारी


महाराष्ट्र मंडल के सचिव संजय भोसले ने कहा कि गणेश उत्सव को लेकर दारोगा राय पथ स्थित महाराष्ट्र मंडल परिसर में पूरी तैयारी कर ली गई है। इस बार भगवान गणेश की प्रतिमा छह फीट की है। इसे मुंबई के कुशल कारीगरों द्वारा तैयार कर पटना भेजा गया है। मूर्ति पर सोने व हीरे से जडि़त मुकुट आकर्षण का केंद्र होगा। वहीं प्रत्येक दिन पूजा स्थल पर विशेष साज-सज्जा होगी। परिसर को विभिन्न प्रकार के फूलों से हर दिन सजाया जाएगा। गणपति पूजन के लिए मुंबई से पुरोहित प्रशांत जहागीरदार आएंगे। 


हल्दी कुमकुम का होगा आयोजन 


सात दिनों तक चलने वाले पूजा के दौरान हर दिन खास होगा। दो सितंबर को महिलाएं एक दूसरे को हल्दी कुमकुम लगाकर अखंड सौभाग्य की कामना गणपति से करेंगे। इस दिन रात्रि में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण होगा। वहीं चार सितंबर को शाम छह बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम महाराष्ट्र मंडल परिसर में किया जाएगा। गणेश उत्सव का समापन छह सितंबर को होगा।


छह सितंबर की शाम होगा विसर्जन 


विसर्जन कार्यक्रम दोपहर साढ़े तीन बजे से आरंभ होगा। इस दौरान गणपति की शोभा-यात्रा निकलेगी। शोभा-यात्रा के दौरान तासगांव (सांगली) महाराष्ट्र  के गणेश झांझ पथक के 50 कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। मौके पर संस्था के अध्यक्ष वसंत सूर्यवंशी, विजय पाटिल, विटल घोड़के, शंकर किर्दत, जयचंद्र पवार, मल्लिकार्जुन आरले , विजय बाबर , राजेंद्र पवार, आनंद पवार, तानाजी पवार समेत अन्य मौजूद थे।

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