Friday, 5 August 2022

महाराष्ट्र में सत्ता बदलते ही बदला एटीट्यूड? नवनीत और रवि राणा की जमानत रद्द करने की मांग

हनुमान चालीसा पाठ से जुड़े मामले में अमरावती की सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा एक बार फिर मुश्किलों में घिर सकते हैं. राणा दंपत्ति लगातार कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं. महाराष्ट्र में सरकार बदलते ही राणा दंपत्ति का एटीट्यूड बिलकुल बदल गया है. कोर्ट ने उनसे कहा था कि उनपर चल रहे केस को लेकर वे मीडिया से बातचीत नहीं करेंगे. लेकिन राणा दंपत्ति कोर्ट के निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहे. यह आरोप लगाते हुए मुंबई पुलिस ने कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी करने की मांग की है


पब्लिक प्रोसिक्यूटर ने गुरुवार को स्पेशल कोर्ट में राणा दंपत्ति के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने की मांग की. ऐसे में राणा दंपत्ति एक बार फिर अरेस्ट किए जाएंगे क्या? इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं.


राणा दंपत्ति के ख़िलाफ़ अरेस्ट वारंट जारी करने की मांग

इस आवेदन पर राणा दंपत्ति की ओर से कोर्ट में गुरुवार को बहस होनी थी. लेकिन राणा दंपत्ति कोर्ट नहीं पहुंचे और ना ही उनके वकील कोर्ट पहुंचे. इसके बाद सरकारी वकील ने यह दावा किया कि राणा दंपत्ति कोर्ट की प्रक्रिया को लेकर गंभीर नहीं हैं और यह मांग की कि उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया जाए.


सरकारी वकील ने दावा किया कि राज्य की बदली हुई स्थिति के बाद राणा दंपत्ति न्यायालय की प्रक्रिया को लेकर गंभीर नहीं रह गए हैं. अब उन्हें यह गलतफहमी हो गई है कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है. राणा दंपत्ति के मन में कोर्ट को लेकर कोई सम्मान नहीं रह गया है.


23 अप्रैल को अरेस्ट हुए थे राणा दंपत्ति, 14 दिनों बाद जमानत मिली थी

मुंबई पुलिस ने नवनीत राणा और रवि राणा को 23 अप्रैल को अरेस्ट किया था. राणा दंपत्ति ने उद्धव ठाकेर के घर मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ पढ़ने की जिद की थी. इसके बाद शिवसैनिक आक्रामक हो गए थे. मुंबई पुलिस ने राणा दंपत्ति को अरेस्ट किया था. मुंबई पुलिस ने धारा 153-A का इस्तेमाल करते हुए अरेस्ट किया था. समाज में धर्म, प्रांत, भाषा के मुद्दे पर तनाव पैदा करने की कोशिश करने के आरोप में अरेस्ट किया गया था. इसके 14 दिनों बाद उन्हें जमानत मिल गई थी.


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