Thursday, 25 August 2022

कम उम्र में हो गया था रामायण के 'भरत' संजय जोग का निधन, बॉक्स ऑफिस पर दी थीं कई बड़ी फिल्में

रामानंद सागर का एतिहासिक शो रामायण की शुरुआत साल 1987 में हुई थी जिसे दर्शकों का बेशुमार प्यार मिला था। शो में भगवान राम का रोल निभाया था एक्टर अरुण गोविल ने जबकि उनकी सीता के किरदार में एक्ट्रेस दीपिका चिखलिया नजर आई थीं। दोनों को ही दर्शकों ने बेहद प्यार दिया। इसके अलावा शो के अन्य किरदारों को भी दर्शकों ने पसंद किया। शो में भगवान राम के छोटे भाई भरत का रोल निभाकर मशहूर हुए थे एक्टर संजय जोग।


जब बन गए थे किसान


24 सितंबर 1955 को महाराष्ट्र के नागपुर में जन्मे संजय जोग को भरत का रोल निभाकर दर्शकों का प्यार और पहचान दोनों मिलीं। लेकिन इसके अलावा वो कई फिल्मों में भी काम कर चुके हैं। संजय जोग ने मुंबई के एलफिस्टन कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और इसके बाद उन्होंने फिल्माया स्टूडियो से एक्टिंग का कोर्स किया। इस दौरान उन्हें मराठी फिल्म सापला में लीड रोल मिल गया था। हालांकि यह फिल्म फ्लॉप साबित हुई और इससे परेशान होकर वो किसानी करने नागपुर लौट गए। बाद में वो किसानी से जुड़े किसी काम के लिए मुंबई आए जहां उन्हें मल्टीस्टारर फिल्म जिद्द ऑफर हुई। फिल्म में उन्होंने लीड रोल प्ले किया। यह फिल्म हिट साबित हुई और वो मराठी फिल्मों के सबसे महंगे और पसंदीदा एक्टर्स की लिस्ट में शामिल हो गए। 



जब बन गए थे किसान


24 सितंबर 1955 को महाराष्ट्र के नागपुर में जन्मे संजय जोग को भरत का रोल निभाकर दर्शकों का प्यार और पहचान दोनों मिलीं। लेकिन इसके अलावा वो कई फिल्मों में भी काम कर चुके हैं। संजय जोग ने मुंबई के एलफिस्टन कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और इसके बाद उन्होंने फिल्माया स्टूडियो से एक्टिंग का कोर्स किया। इस दौरान उन्हें मराठी फिल्म सापला में लीड रोल मिल गया था। हालांकि यह फिल्म फ्लॉप साबित हुई और इससे परेशान होकर वो किसानी करने नागपुर लौट गए। बाद में वो किसानी से जुड़े किसी काम के लिए मुंबई आए जहां उन्हें मल्टीस्टारर फिल्म जिद्द ऑफर हुई। फिल्म में उन्होंने लीड रोल प्ले किया। यह फिल्म हिट साबित हुई और वो मराठी फिल्मों के सबसे महंगे और पसंदीदा एक्टर्स की लिस्ट में शामिल हो गए। 


इन फिल्मों में भी किया काम


इसके बाद संजय जोग ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और करीब 30 मराठी फिल्मों में काम किया, जिसमें गोंधळात गोंधळ, माय बाप, सगे सोयरे और दिसतं तसं नसतं जैसी फिल्में शामिल हैं। इसके अलावा वो गुजराती फिल्मों में भी दिखे जिसमें मशहूर डिकरी चली सासरिया जैसी फिल्म शामिल है जो बहुत मशहूर हुई थी। 


बॉलीवुड डेब्यू


संजय जोग यहीं नहीं रुके और साल 1989 में उन्होंने फिल्म अपना घर से बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद वो फिल्म जिगरवाला में भी नजर आए जिसमें लीड रोल में अनिल कपूर और टीना मुनीम थे। इसके बाद उन्होंने हमशक्ल, मुठभेड़ जैसी फिल्मों में काम किया था। संजय आखिरी बार 1994 में आई फिल्म बेटा हो तो ऐसा में नजर आए थे।  


ऐसे मिला था 'भरत' का रोल


संजय ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें किस तरह रामायण में भरत का रोल मिला था। उन्होंने बताया था कि उन्होंने गुजराती फिल्म माया बाजार में अभिमन्यु का रोल निभाया था। इस फिल्म के मेकअप मैन गोपाल दादा थे। गोपाल दादा रामायण के भी मेकअप डिपार्टमेंट को देख रहे थे। उन्होंने संजय जोग को रामानंद सागर से मिलने के लिए कहा। रामानंद सागर ने पहले उन्हें लक्ष्मण का किरदार ऑफर किया। लेकिन बिजी शेड्यूल के कारण उन्होंने ये रोल निभाने से इंकार कर दिया था। बाद में संजय को भरत का रोल ऑफर हुआ था।


40 की उम्र में निधन


संजय जोग ने बहुत कम उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। 27 नवंबर 1995 को लीवर खराब होने के कारण मुंबई में उनका निधन हो गया। इस समय उनकी उम्र केवल 40 साल थी। संजय के परिवार की बात करें तो उन्होंने नीता से शादी की थी, जो पेशे से वकील थीं। दोनों के दो बच्चे रंजीत और नताशा हुए। रंजीत उस समय केवल 10वीं में पढ़ते थे जब उनके पिता संजय का निधन हो गया। रंजीत ने भी पिता की तरह एक्टिंग का रुख किया। 



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