Wednesday, 10 August 2022

बीजेपी नेता किरीट सोमैया को बड़ी राहत, पुलिस ने कही यह बात

मुंबई: आईएनएस विक्रांत की स्क्रैपिंग से जुड़े एक मामले में बीजेपी नेता किरीट सोमैया और उनके बेटे नील ने क्या वाकई 57 करोड़ रुपये की कथित डोनेशन जमा की? अब इसे लेकर मुंबई पुलिस का कहना है कि उसे इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है. दरअसल अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दोनों के 57 करोड़ रुपये जुटाए जाने के आरोप लगाए गए थे. वहीं इसे लेकर एक शिकायत भी दर्ज कराई गई थी. 


किरीट सोमैया और नील सोमैया पर आरोप है कि आईएनएस विक्रांत को नौसेना से बाहर करने के खिलाफ उन्होंने एक अभियान चलाया और इसे बचाने के नाम पर लोगों से कथित तौर पर 57 करोड़ रुपये की राशि जमा की. जब इस मामले में दोनों की गिरफ्तारी की मांग उठी, तो पिता-पुत्र ने हाई कोर्ट का रुख किया और मामले में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की. 


जस्टिस भारती डेंगरे की अदालत में इसे लेकर सोमवार को सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान सोमैया के वकील ऋषिकेश मुंडर्गी ने कहा कि पुलिस की रिपोर्ट उनके मुवक्किल के पक्ष में है. पुलिस को इसे लेकर कोई सबूत नहीं मिला है, शायद यही वजह है कि पुलिस इसे लेकर एफडेविट नहीं जमा कर रही है.


 सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकारी वकील से सवाल किया कि क्या सोमैया पिता-पुत्र को इस मामले में अब तक समन किया गया है. इस पर सरकारी वकील एस. गुप्ते ने कहा कि धारा-41A के तहत उन्हें नोटिस भेज दिया गया है. इस मामले में पुलिस चाहे तो उन्हें हिरासत में ले सकती है और गिरफ्तार करने से 72 घंटे पहले सोमैया को इसकी सूचना दी जाएगी. अप्रैल में हाईकोर्ट ने पिता-पुत्र को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी. 


हालांकि किरीट सोमैया को 17 अगस्त और नील सोमैया को 18 अगस्त को पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में उपस्थित रहना होगा. 


सुनवाई के दौरान सोमैया कोर्ट में मौजूद थे. उन्होंने कहा - सत्यमेव जयते. मुंबई पुलिस ने आज ऐलान कर दिया कि पिछले 120 दिन की खोजबीन में उन्हें 57 करोड़ रुपये को लेकर ना कोई सुराग मिला, ना जानकारी और ना आंकड़े.


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