Saturday, 27 August 2022

ठाणे में जय वीरू की दहशत


कौन है यह जय वीरू...?

क्यों है इनकी दहशत ...?

और किस में है इनकी दहशत 

तो चलिए हम आपको बताते हैं यह जय और वीरू कौन है यह कोई शोले मूवी के जय वीरू नहीं है, यह है थाने एक्साइज डिपार्टमेंट के दो इमानदार और निडर अधिकारी जिन से थाने ही नहीं कई राज्य के अवैध दारू बेचने और नकली दारू बनाने वाले थर थर कांप जाते हैं. यह  he  नई इंग्लिश दारू के साथ-साथ सरकार द्वारा मनाही वाले हाथ भट्टी के दारू बनाने वाले के लिए यह तो काल से कम नहीं वा भला हो भी क्यों ना हो क्योंकि इनके ऊपर हैं इनके बॉस यानी सीनियर इंस्पेक्टर मोरे का हाथ ...मोरे वही अधिकारी हैं जिसने थाने डिस्टिक में हाथ भट्टी और नकली दारू बनाने वालों के साथ-साथ दूसरे राज्य से आने वाले दारू के ऊपर भी अंकुश  तो लगाया ही है साथ ही एक एक धंधे वालों को पकड़ पकड़ के जेल भी पहुंचा चुके हैं ..

    ज्ञात हो कि थाने डिस्टिक बहुत बड़ा डिस्टिक है यहां से कई अंतर राज्य की बॉर्डर लगते हैं गुजरात हो या दमन दादरा हवेली या सिलवासा हो या एमपी और गोवा हो ...यह वह राज्य है जहां महाराष्ट्र से कम एक्साइज ड्यूटी लगती है जिसकी वजह से महाराष्ट्र से सस्ता दारू वहां मिलता है.. इस वजह से आए दिन महाराष्ट्र के बाहर से यह अवैध रूप से दारू यहां आता रहता है कभी-कभी तो यहां के समुद्री एरिया में और खाड़ी एरिया में भी यह सब माल आता रहता है.. जिसकी वजह से यहां के अधिकारियों को हमेशा अलर्ट रहना पड़ता है और कभी रात के अंधेरे में तो कभी दिनदहाड़े यह शराब माफिया यह सब काम को अंजाम देते रहते हैं यह माफिया इतने मास्टरमाइंड रहते हैं तो कभी-कभी गोवा दमन सिलवासा हरियाणा के माल के लेबल बदल बदल के महाराष्ट्र के लेबल और मुहर लगा के बैच नंबर तक लगा लेते हैं जिसकी वजह से पीने वाले तो छोड़िए कई अधिकारी भी परेशान हो जाते हैं कि यह माल असली है या नकली यह महाराष्ट्र का है या बाहर राज्य का मगर जब से थाने एक्साइज के फ्लाइंग स्कॉट में गोविंद पाटील और राने जैसे दो निडर अधिकारी आए हैं तब से माफिया अंडर ग्राउंड हो गए हैं या दूसरे जिले से यह काम को अंजाम दे रहे हैं यह जय वीरू कि इतनी दहशत इन शराब माफिया में हो चुकी है कि जहां ट्रक के ट्रक एक जगह से दूसरी जगह किए जाते थे वहां अब छोटे-छोटे टेंपो और प्राइवेट कार में यह काम को अंजाम दिया जाता है अब आप सोचेंगे कि इतना अगर इलीगल दारू यहां आता है तो बेचा कहां जाता है यह माल  बेचने के कई जगह है जैसे होटल्स इलीगल दबा डांस बार और भी कई जगह जहां पर इनको बेचने की परमिशन नहीं वहां ज्यादा बेचा जाता है खासकर इलीगल धाबी होटल में। यह ढाबे सब पूरी तरह से इल्लीगल होते हैं इनको कोई भी एक्साइज का लाइसेंस नहीं होता ना यह एक्साइज विभाग को कोई ड्यूटी या फीस देते हैं जिससे लाखों नहीं कई करोड़ों का नुकसान महाराष्ट्र सरकार को होता है यह नुकसान उस दिन से ज्यादा होने लगा है जब से थाने एक्साइज डिपार्टमेंट के थाने एसपी पोस्ट पर तांगडे नाम का अधिकारी आया है यह अधिकारी सिर्फ अपने दोस्तों यारों और दलालों के चक्कर में अपने एसी केबिन में या दलालों के साथ घूमते पाया जाता है यह एसपी का काम है अपने डिस्ट्रिक्ट में गलत काम को रोकना पर यह सब को किसी की परवाह नहीं इनका काम सिर्फ यह है राम राम जपना ढाबे वालों का माल अपना तभी आज अकेले थाने डिस्टिक में कल्याण अंबरनाथ एमआईडीसी रोड कल्याण बिरला कॉलेज रोड पाड़ा भिवंडी रोड मुरबाड रोड daighar .vashi रोड जैसे कई जगह पर अवैध ढाबे basse हुआ है.. तो यह डिपार्टमेंट को 8000 से 10000 har month देकर बिना डर के और बिना लाइसेंस के खुलेआम पूरी रात चलाते हुआ आपको मिल जाएंगे.   सरकार का नुकसान हो तो क्या हुआ एसपी के घर का नुकसान नहीं हो रहा है ना. . ?.

यह एसपी के वजह से अगर हम 400 से 500 ढाबे भी सोच कर चले तो तकरीबन हर 15 से 25 करोड़ का नुकसान थाने एक्साइज को होता है जिससे हमारे राज्य के कई अच्छे काम हो सकते हैं मगर यह एसपी को उसका कोई लेना-देना नहीं उनको अपनी सेल फिगर चाहिए बस बाकी वह दारू बेचने वाले के पास लाइसेंस हो ना हो या वह ढाबे पर बेचे या हाथ गाड़ी लगा के खुले बाजार में एसपी अगर चाहिए तो ईमानदारी से काम करें तो सरकार का हर साल 15 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू भर सकता है मगर एसपी नहीं चाहेगा यह तो जय वीरू है जिनकी दहशत से यह काम करने वालों का खुलासा अक्सर सामने आ जाता है वरना एसपी कभी नहीं चाहते कि उनके एरिया के रेवेन्यू बार जाएं सरकार की तिजोरी भर जाए वो सिर्फ  अपनी तिजोरी का सोचते हैं यह तो भला हो इंस्पेक्टर मोरे का जो उनके अंदर में जय वीरू जैसे अधिकारी ऐसे जा बाजी से काम को अंजाम देकर दिन-ब-दिन ऐसे कामों को अंजाम देने वालों को पकड़कर उन को अंदर करने वाले काम को अंजाम देते रहते हैं ताजा घटनाक्रम में  ठाणे जिले के भातसा रोड शहापुर में एक कच्चे पत्रे से बने गोडाउन में विदेश में बनी विदेशी शराब का भंडारण किया जा रहा था। प्राप्त सूचना के आधार पर ठाणे राज्य उत्पादन विभाग  ने छापेमारी  कर 26 लाख 82 हजार की नकली शराब के साथ दो वाहन जब्त किये।  मोबाइल फोन और दो चार पहिया वाहनों के साथ-साथ विभिन्न प्रसिद्ध ब्रांड की शराब जैसे मैकडोल नंबर 1, इंपीरियल ब्लू, रॉयल चैलेंज आदि  k 290 box शामिल हैं। 




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