Thursday, 25 August 2022

उल्हासनगर की इमारतों के विषय पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा विधानसभा में घोषणा..



राज्य के मुख्यमंत्री और तत्कालीन नगरविकास मंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा उल्हासनगर में धोकादायक इमारतों के मामले को स्थायी रूप से हल निकालने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था, अपर मुख्य सचिव राजस्व विभाग, प्रमुख सचिव शहरी विकास विभाग 1 और 2, सहकारिता आयुक्त, ठाणे कलेक्टर, सेटलमेंट आयुक्त और उल्हासनगर मनपा आयुक्त और 3 नगर नियोजन विशेषज्ञों को समिति में शामिल किया गया था, समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद आज मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा विधानसभा में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया है,

उक्त समय की मांगें धोकादायक इमारतों को जल्द से जल्द नियमित करने के लिए व्यापक नीति बनाये जाने के विषय मे थी,

उल्हासनगर के निवासियों के आवासों को नियमित करने के लिए 2005-2006 में नीति बनाई गई थी। पेनल्टी लगाकर इन आवासों को नियमित किया जाना था। हालांकि, पिछले 17 वर्षों में घर को पूरी तरह से नियमित नहीं किया जा सका, समय के साथ दंड की लागत बढ़ गई, जिससे निवासियों को जुर्माने की राशि का भुगतान करना महंगा हो गया। इसलिए स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की थी कि 2005 के अनुसार पेनल्टी लगाकर इन मकानों को नियमित किया जाए, इन मकानों को नियमित किया जाए और उन्हें डीम्ड कन्वेयन्स दिया जाए और जमीन का मालिकाना हक भी मिले, उल्हासनगर की जरूरत को ध्यान में रखते हुए विशेष क्लस्टर प्लान तैयार किया जाए और पुनर्विकास के लिए एक फार्मूला तय कर अतिरिक्त एफएसआई का इस्तेमाल करने वाले भवनों का पुनर्विकास कर के पुनर्निर्माण  किया जाए।

अंत में, नगरविकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने इन सभी मुद्दों को एक साथ संबोधित करने और एक व्यापक पुनर्विकास रणनीति तैयार करने के लिए एक समिति गठित करने का निर्णय लिया था, 

21/03/2022 को समिती द्वारा राज्य सरकार के पास अहवाल सादर किया समिति द्वारा की गई सभी सिफारिशों को सरकार द्वारा मान्यता दी गयी है, सिफारिशों के अनुसार उल्हासनगर की अनधिकृत निर्माणों को अधिकृत रेग्युलराइज़ेशन करने की अवधि तारिख 1/1/2005 के अलावा 31/12/2021 किया गया, 4 एफएसआई के ऊपर एनसीलरी एफएसआई देनेका निर्णय लिया गया, इसके अलावा पुनर्विकास करते समय इंसेंटिव एफएसआई भी अनुदनेय किया गया, क्लस्टर डेवलपमेंट के लिये आवश्यक मिनिमम 4000 स्क्वेयर मीटर एरिया के अलावा छोटा क्लस्टर बनाने का भी निर्णय लिया गया, अनधिकृत निर्माण को रेग्युलराज़ करने के लिये जो प्रशमन शुल्क रेडी रेकनर रेट के अलावा अब 2200 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर यानेकी 220 रुपये स्क्वेयर फीट किया गया, सोसायटी रजिस्टर्ड ना हों, रहिवासीयों का एग्रीमेंट ना हों, इमारत की ज़मीन का मालिकाना अधिकारना हों या डी फॉर्म ना हों, सहकार विभाग द्वारा सुलभता लानेपर भी निर्णय लिया गया, जिन घरों के एग्रीमेंट नहीं बने उनके मुद्रांक शुल्क स्टैम्प ड्युटी जुर्माना रकम को माफ करने, प्रोपर्टी पीआर कार्ड, सनद उपलब्ध करवाना इन बारेमें भी महसूल विभाग द्वारा सुलभता लायी जायेगी,

ऐसी घोषणा आज 25 अगस्त 2022 के दिन विधानसभा के मॉनसून सत्र में मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे द्वारा की गई।

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