Saturday, 13 August 2022

मुंबई के आर्थर रोड जेल में कैदी नंबर 8959! जानिए संजय राउत दिन कैसे गुजार रहे हैं


शिवसेना सांसद संजय राउत इस वक्त मुंबई के आर्थर रोड जेल में हैं. वे कैदी नंबर 8959 के तौर पर पहचाने जा रहे हैं. 1034 करोड़ के पत्रा चॉल घोटाले के मामले में आरोपी संजय राउत न्यायिक हिरासत में हैं. जोल की कोठरी में संजय राउत का डेली रुटीन हाथ लगा है. इससे यह पता चलता है कि वे अपनी कस्टडी का वक्त जेल में कैसे गुजार रहे हैं. बता दें कि संजय राउत जेल में रह कर ज्यादातर वक्त अध्ययन और लेखन में मशगूल रहते हैं. उन्हें किसी भी तरह का वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया गया है.


संजय राउत को वही सुविधाएं दी गई हैं जो अन्य कैदियों को सामान्य नियमों के तहत उपलब्ध करवाई जा सकती हैं. उन्हें लिखने के लिए पेन और रजिस्टर दिए गए हैं. लेकिन वे जो जेल में लिख रहे हैं, वो जेल से बाहर ना जाए, इसका ध्यान जेल प्रशासन अच्छी तरह से रख रहा है. लिखने के अलावा वे खबरें पढ़ते हैं. बाकी कैदियों की तरह ही उनकी दिनचर्या भी नियमों से बंधी हुई है.


जेल में लिखने की सुविधा पर उठे थे सवाल

कोर्ट ने संजय राउत को घर का खाना और दवाइयां लेने की इजाजत दी हुई है. इसके अलावा अन्य कैदियों से कोई अलग ट्रीटमेंट नहीं दिया जा रहा है. संजय राउत एकांत में बैठ कर अपना ज्यादातर समय अध्ययन और लेखन में बिता रहे हैं. वे ज्यादातर ख़ामोश रहते हैं और बातचीत कम करते हैं. जितना पूछा जाए, उतना ही बोलते हैं. पिछले रविवार को संजय राउत का सामना में लेख ‘रोखठोक’ के नाम से छपा था. इस पर राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस ने सवाल उठाए थे. अब उनका लिखना जेल के अंदर ही सीमित रहे, यह किसी भी माध्यम से जेल की दीवारों के बाहर ना जाए, इसका ख़याल जेल प्रशासन अच्छी तरह से रख रहा है.


आर्थर रोड जेल में संजय राउत फिलहाल 22 अगस्त तक हैं

संजय राउत आर्थर रोड जेल में अपनी 14 दिनों की न्यायिक हिरासत का वक्त गुजार रहे हैं. 22 अगस्त तक उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. 31 जुलाई को ईडी अधिकारियों की एक टीम उनके मुंबई के मुलुंड स्थित आवास पर पहुंची थी. पत्रा चॉल घोटाले के मामले में उनसे साढ़े नौ घंटे तक पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया. इसके बाद उन्हें ईडी के मुंबई कार्यालय में लाया गया. वहां रात साढ़े दस बजे तक पूछताछ हुई. इसके बाद देर रात यानी 12 बज कर 30 मिनट में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद स्पेशल कोर्ट ने उन्हें पहले अगस्त तक फिर 8 अगस्त तक ईडी कस्टडी में भेजा. इसके बाद उन्हें 22 अगस्त तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया.

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