Tuesday, 2 August 2022

मुंबई में लाखों रुपए में किया जा रहा था नवजात बच्ची का सौदा, पुलिस ने 2 महिलाओं को धर दबोचा

Mumbai: पुलिस ने 15 दिन की एक बच्ची को दो महिलाओं से बचाया है, जिन्होंने कथित तौर पर नवजात को 4.5 लाख रुपये में बेचने की कोशिश की थी। आरोपी की पहचान वर्ली निवासी 35 वर्षीय जूलिया फर्नांडीज और गोवंडी के शिवाजी नगर में रहने वाली 30 वर्षीय शबाना शेख के रूप में हुई है। यह मामला तब सामने आया जब एक दंपत्ति एक बच्चा गोद लेना चाहता था। 


पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पुणे के एक दंपत्ति ने कुछ महीने पहले गोद लेने के केंद्र से संपर्क किया था और गोद लेने के लिए एक आवेदन दायर किया था। इसके बाद उन्हें मोबाइल फोन पर एक मैसेज मिला था, जिसमें पैसों की मांग की गई थी। 


दंपत्ति को मोबाइल फोन पर एक मैसेज मिला

पुलिस ने बताया है कि, दंपत्ति को मोबाइल फोन पर एक मैसेज मिला था कि एक महिला कानूनी औपचारिकताएं पूरी किए बिना नवजात बच्ची को 4.5 लाख रुपये में देना चाहती है और अगर वह बच्चा चाहते है, तो उससे संपर्क करें। इसके बाद दंपत्ति में से व्यक्ति ने पुणे में गोद लेने वाले केंद्र के एक कर्मचारी को सूचित किया, जिसे कुछ गड़बड़ी का संदेह था और पुणे में महिला और बाल कल्याण आयुक्त के कार्यालय से संपर्क किया। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि, मैसेज मुंबई से आए थे और मामले की जांच के लिए शहर में समाज सेवा शाखा को सतर्क कर दिया गया था।


पुलिस ने ऐसे बनाई पकड़ने की प्लानिंग

एक वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मनोज सुतार ने कहा है कि सूचना मिलने के बाद, हमने विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) से एक महिला कांस्टेबल और पुरुष पुलिस अधिकारी की एक टीम बनाई। उन्होंने संभावित माता-पिता होने का नाटक करते हुए आरोपी से संपर्क किया और एक नवजात बच्ची को गोद लेने का नाटक किया। टेलीफोन पर हुई बातचीत के अनुसार, आरोपी सायन कोलीवाड़ा के एक नर्सिंग होम में उनसे मिलने के लिए तैयार हो गए। मनोज सुतार ने कहा कि, आरोपी ने यह दावा करते हुए 4.5 लाख रुपये की मांग की कि वह बच्चे के वास्तविक माता-पिता को 4 लाख रुपये देगी, और खुद 50,000 रुपये रखेगी।


इस तरह पकड़ी गईं आरोपी महिलाएं

इसके बाद पुलिस अधिकारी सायन कोलीवाड़ा स्थित नर्सिंग होम गए और जब आरोपी ने सादे कपड़ों में बच्चे को पुलिसकर्मियों को सौंपा तो पुलिस ने आरोपी शबाना और फर्नांडीज को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि, बच्ची का जन्म दिल्ली के एक दंपत्ति के घर हुआ था, जिसने उसे एक हफ्ते पहले बच्चे को बेचने के लिए दिया था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शबाबा एक हफ्ते से बच्चे की देखभाल कर रही थी, जबकि फर्नांडीज एजेंट के तौर पर काम करती थी। उनसे पूछताछ में यह भी पता चला कि फर्नांडीज के खिलाफ वडाला टीटी और मानखुर्द पुलिस थानों में पहले भी इसी तरह के मामले दर्ज थे। पुलिस अधिकारी ने कहा कि दोनों महिलाओं को मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।



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