Tuesday, 9 August 2022

महाराष्ट्र में शिंदे कैबिनेट का विस्तार, 18 मंत्रियों को जगह, चंद्रकांत पाटिल भी शामिल


Maharashtra:
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 41 दिन बाद एकनाथ शिंदे ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया. बीजेपी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल समेत 18 विधायकों ने दक्षिण मुंबई में राज भवन में कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली. 18 मंत्रियों में बीजेपी और शिंदे गुट से 9-9 मंत्री हैं. जिसमें किसी भी महिला को शामिल नहीं किया गया है.शपत लेते ही महाराष्ट्र के मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या अब 20 हो गई है, जो अधिकतम 43 सदस्यों की संख्या की आधी भी नहीं है. शिंदे ने 30 जून को मुख्यमंत्री और देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.

राज्यपाल बी एस कोश्यारी ने मंत्रियों को पद की शपथ दिलायी. यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होना था, लेकिन 15 मिनट की देरी से शुरू हुआ. बीजेपी की ओर से मंत्रिमंडल में शामिल सदस्यों में राधाकृष्ण विखे पाटिल, सुधीर मुन्गंतीवार, चंद्रकांत पाटिल, विजयकुमार गावित, गिरीश महाजन, सुरेश खडे, रवींद्र चह्वाण, अतुल सावे और मंगलप्रभात लोढा शामिल हैं. शिंदे गुट से मंत्री पद की शपथ लेने वाले सदस्यों में गुलाबराव पाटिल, दादा भुसे, संजय राठौड़, संदीप भुमरे, उदय सामंत, तानाजी सावंत, अब्दुल सत्तार, दीपक केसरकर और शंभुराज देसाई शामिल हैं.

बाद में फिर होगा मंत्रिमंडल विस्तार

शिंदे के एक सहायक ने बताया कि किसी राज्य मंत्री ने आज शपथ नहीं ली. बाद में फिर मंत्रिमंडल विस्तार होगा. बीजेपी ने मुंबई से लोढा को शामिल किया है, जबकि शिंदे गुट ने वहां से किसी विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया. मुंबई महानगरपालिका के चुनाव इस साल होने हैं.

बीजेपी विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा सबसे अमीर

शिंदे के मंत्रीमंडल में सभी मंत्री करोड़पति हैं. इसमें सबसे ज्यादा संपत्ति बीजेपी विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा के पास है. वहीं, सबसे कम प्रॉपर्टी पैठान सीट से विधायक संदीपन भुमरे के पास है. कैबिनेट में 12 ऐसे मंत्री भी हैं, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें से कुछ पर गंभीर धाराएं भी लगी हैं.वहीं मुख्यमंत्री शिंदे पर 18 और उप मुख्यमंत्री पर 4 क्रिमिनल केस दर्ज हैं. वहीं दूसरी तरफ शिवसेना पर अधिकार और 16 बागी विधायकों की अयोग्यता के मामले पर होने वाली सुनवाई आगे बढ़ गई है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी. इस मामले को 5 जजों की बेंच को सौंपना चाहिए या नहीं? इसे लेकर भी दलीलें सुनी जाएंगी.

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