Thursday, 4 August 2022

कल होगा शिंदे-फडणवीस कैबिनेट का विस्तार, इन 15 विधायकों की लग सकती है लॉटरी

महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस की सरकार के गठन का एक महीना बीत चुका है, लेकिन फिर भी कैबिनेट विस्तार नहीं हो सका है। इसके चलते विरोधियों द्वारा शिंदे-फडणवीस सरकार की जमकर आलोचना की जा रही है। इस बीच सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार 5 अगस्त को यानी कल होगा। महाराष्ट्र की इस नई सरकार के 15 संभावित मंत्रियों की एक सूची भी सामने आई है। हालांकि, दोनों ही चीजों पर अभी तक किसी के भी द्वारा पुष्टि नहीं कई है।


सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस की सरकार में कुल 12 मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जा सकती है। इनमें से सात बीजेपी से तो पांच शिंदे खेमे के विधायक शामिल होंगे। प्रमुख चेहरों में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल, सुधीर मुनगंटीवार का नाम भी शामिल है। वहीं, शिंदे समूह से गुलाबराव पाटिल और दादा भुसे को भी लिस्ट में जगह दी गई है।


शिंदे समूह से किन विधायकों की लगेगी लॉटरी?

एकनाथ शिंदे के पास सबसे बड़ी चुनौती बागी विधायकों को संतुष्ट करने की है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, दादा भुसे, उदय सामंत, दीपक केसरकर, शंभू राज देसाई, संदीपन भुमरे, संजय शिरसाठे और गुलाबराव पाटिल को मंत्री बनाने की तैयारी चल रही है। 


बीजेपी से किसे मिलेगा मौका?

बीजेपी की तरफ से चंद्रकांत पाटिल, सुधीर मुनगंटीवार, गिरीश महाजन, प्रवीण दरेकर, आरके विखे पाटिल, रवि चव्हाण, बबनराव लोणीकार और नितेश राणे शपथ ले सकते हैं। 


इसके अलावा निर्दलीय बच्चू काडू और रवि राणा में से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है।


कैबिनेट विस्तार पर शिंदे खेमे का स्टैंड

कैबिनेट विस्तार में हो रही देरी के लिए विपक्ष राज्य सरकार की जमकर आलोचना कर रहा है। इस बीच शिंदे कैंप के प्रवक्ता दीपक केसरकर ने कैबिनेट विस्तार को लेकर अहम बयान दिया है। उनका दावा है कि अगले रविवार तक राज्य में मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। इतना ही नहीं केसरकर ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इस बारे में आधिकारिक घोषणा करेंगे।


शिंदे सरकार पर आज होगा फैसला?

सुप्रीम कोर्ट में चल रहे एकनाथ शिंदे बनाम उद्धव ठाकरे मामले में आज यानी चार अगस्त को सुनवाई हो रही है। कल भी दोनों पक्षों के वकीलों ने विभिन्न मुद्दों पर जोरदार बहस की थी। उद्धव ठाकरे के समूह के वकील कपिल सिब्बल ने जोरदार तर्क दिया कि शिंदे गुट के विधायकों को दलबदल अधिनियम के तहत अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। वहीं, शिंदे समूह के वकील हरीश साल्वे ने कहा कि चूंकि हमने अभी तक पार्टी नहीं छोड़ी है, इसलिए दलबदल निषेध अधिनियम हम पर लागू नहीं हो सकता। इसके बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों के वकीलों के सामने कुछ सवाल भी उठाए।

Lorem ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry.