Saturday, 9 July 2022

Mumbai: शिवसेना का हाईकमान मातोश्री, वो बीजेपी के मुख्यमंत्री, संजय राउत का शिंदे पर निशाना

मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री शुक्रवार से ही दिल्ली में हैं। वह बीजेपी (BJP) नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। इस दौरान आने वाले दिनों में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार पर भी चर्चा शुरू है। जिसके मद्देनजर शिवसेना सांसद संजय राउत ने सीएम एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) पर निशाना साधा है। राउत ने कहा कि कि कोई कितना भी कहे कि मैं शिवसेना (Shivsena) का मुख्यमंत्री हूं, शिवसेना की सरकार है, तो यह सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि शिवसेना का हाईकमान दिल्ली में नहीं बल्कि मुंबई के मातोश्री में है। मंत्रिमंडल विस्तार के संबंध में बातचीत के लिए शिवसेना के मुख्यमंत्री कभी दिल्ली नहीं जाते और ना गए हैं। राउत ने कहा कि शिंदे, शिवसेना के नहीं बीजेपी के मुख्यमंत्री हैं। संजय राउत (Sanjay Raut) ने यह बात नासिक दौरे के दौरान कही।


राउत ने कहा कि एकनाथ शिंदे राज्य के मुख्यमंत्री हैं, उनसे अब महाराष्ट्र को अपेक्षाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सीमावर्ती इलाके से अक्सर यह खबर आती है कि मराठी भाषी लोगों पर अत्याचार किया जा रहा है। अब जब राज्य में शिवसेना के नहीं बल्कि बीजेपी के सीएम हैं तो उन्हें कर्नाटक के सीएम से बात करनी चाहिए। क्योंकि वहां भी बीजेपी की सरकार है। इसके अलावा केंद्र में भी मोदी सरकार है। फिलहाल यह मामला अदालत में लंबित है। लिहाजा फैसला आने तक इस क्षेत्र को केंद्रशासित करना चाहिए।


राउत ने कहा कि यह मांग एकनाथ शिंदे को पीएम और अमित शाह से करनी चाहिए। यह मसला हल करवाकर ही उन्हें महाराष्ट्र वापस आना चाहिए। अभी मुझे बेलगाम के नागरिकों का एक शिष्टमंडल मिलकर गया है। उन्होंने, मुझे मौजूदा हालात बताए हैं। ठाकरे सरकार जाने के बाद से उनपर अत्याचार किया जा रहा है।


तुम क्या दोगे, महाराष्ट्र के टुकड़े?

संजय राउत ने कहा कि केंद्र सरकार ने इन्हें वचन दिया है कि जो मांगोगे वह मिलेगा। इसके बदले में यह लोग उन्हें क्या देंगे, महाराष्ट्र राज्य के तीन टुकड़े या मुंबई के टुकड़े? मराठी मानुस पर अत्याचार की इजाजत, मुंबई के उद्योग को बाहर ले जाने की इजाजत? यह एक बेहद गंभीर मसला है। जिसपर एकनाथ शिंदे को ध्यान देना होगा।


उद्धव ठाकरे लेंगे फैसला

संजय राउत ने कहा कि दिल्ली में शिवसेना सांसदों की एक बैठक हुई है। हालांकि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के संदर्भ में आखिरी फैसला उद्धव ठाकरे ही लेंगे। द्रौपदी मुर्मू आदिवासी समाज महिला हैं। ऐसे में देश के सभी आदिवासी सांसदों को यह लगता है कि वह देश की राष्ट्रपति बनें। जब मराठी राष्ट्रपति बनाने का मुद्दा आया था। तब हमने एवं फैसला लिया था। इस बार भी पार्टी के पार्टी प्रमुख फैसला लेंगे।


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