Monday, 25 July 2022

Maharashtra: आदित्य ठाकरे भी मोदी सरकार के रडार पर, MVA सरकार में पर्यावरण विभाग के कामों की होगी जांच

सत्ता बदल गई, सरकार बदल गई। अब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी सरकार के वक्त किए गए कामों का हिसाब-किताब शुरू है. आदित्य ठाकरे पर्यावरण बचाने के नाम पर मुंबई के आरे इलाके में मेट्रो कार शेड बनाए जाने के विरोध में मुहिम चला रहे थे. अब उनका पर्यावरण विभाग ही पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की बीजेपी सरकार के राडार पर आ गया है. पिछली ठाकरे सरकार के ढाई सालों के दौरान पर्यावरण विभाग के कामों का अब ऑडिट करने का आदेश दिया गया है.


केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र के पूर्व पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे के कार्यकाल के वक्त के ढाई सालों के कामों का ऑडिट करना शुरू किया है. इनमें खास तौर से महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कामों का ऑडिट शुरू किया गया है. इससे महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्मचारी और अधिकारी टेंशन में आ गए हैं. बोर्ड के कारभार को लेकर कोई नई योजनाएं या सूचनाएं आएं तो चिंता की बात नहीं है, लेकिन ऐसा कुछ सामने ना आ जाए जिससे प्रदूषण नियंत्रण विभाग की साख और प्रतिष्ठा खराब हो, अधिकारियों को इस बात की चिंता है.


महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कामों का ऑडिट शुरू

केंद्र सरकार ने मुंबई, पुणे, कोल्हापुर, नागपुर, चंद्रपुर, अमरावती, औरंगाबाद, नासिक, ठाणे, रायगढ़ में महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालयों में पिछले ढाई सालों के कामों का ऑडिट शुरू करवा दिया है. पहले चरण में मुख्यालय से लगे हुए नागपुर कार्यालय में ऑडिट का काम शुरू किया गया है. इसके बाद अलग-अलग चरणों में अन्य विभागों के कार्यालयों में कामों के ऑडिट को लेकर विभाग प्रमुखों को सूचना दे दी गई है.


आदित्य ठाकरे के खिलाफ पर्यावरण बचाने के लिए आरे बचाओ मुहिम को लेकर पहले भी एक केस दर्ज हो चुका है. वो केस इस बात के लिए था कि उन्होंने अपने विरोध प्रदर्शन में बच्चों का इस्तेमाल किया है. इस समय एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद आदित्य ठाकरे राज्य भर में शिवसेना के अस्तित्व को बचाने के लिए निष्ठा यात्रा और शिवसंवाद यात्रा कर रहे हैं. इन यात्राओं के माध्यम से वे राज्यभर के शिवसैनिकों से संवाद कर रहे हैं और शिवसेना संगठन को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं.

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