Friday, 22 July 2022

गद्दार कौन? इसका जवाब वर्ली विधानसभा की जनता देगी, राहुल शेवाले का आदित्य ठाकरे पर निशाना

मुंबई: शिवसेना (Shivsena) के बागी सांसद राहुल शेवाले (MP Rahul Shewale) ने सीधे शिवसेना नेता और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) पर निशाना साधा है। शेवाले ने कहा कि आदित्य ठाकरे जिस वर्ली विधानसभा क्षेत्र से चुनकर आए हैं। जहां शिवसेना- बीजेपी युति के लिए कार्यकर्ताओं ने काम किया। उन्हें, शिवसेना-बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में वहां के मतदाताओं ने वोट दिया था। लेकिन उन्होंने बीजेपी (BJP) का साथ छोड़कर कांग्रेस (Congress) और एनसीपी (NCP) के साथ जाने का फैसला किया। असली गद्दारी इसे कहते हैं। क्या यह गद्दार गद्दारी की व्याख्या नहीं हो सकती? अब देखना होगा कि गद्दार कहने वाले लोगों को वर्ली की विधानसभा की जनता इस बार के चुनाव में जीत दिलाती है या फिर घर भेजती है। राहुल शेवाले के इस हमले का जवाब शिवसेना या फिर आदित्य ठाकरे किस तरह से देते हैं। इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।


लोकसभा अध्यक्ष को सांसदों द्वारा दिए गए पत्र पर राहुल शेवाले ने कहा कि 18 जुलाई को हमने कानूनी कार्रवाई की थी। बीती 19 जुलाई को इस संबंध में जीआर निकाला गया था। चिराग पासवान का मसला भी इसी प्रकार का था। उस दौरान चिराग पासवान के चाचा को संसदीय दल का नेता स्वीकार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसले में यह भी कही है। इसलिए विनायक राउत जो कुछ भी कह रहे हैं उसमें कोई भी तथ्य नहीं है। हमने सारा काम कानूनी रूप से किया है।


गठबंधन में लड़ेंगे अगला चुनाव

राहुल शेवाले ने कहा कि साल 2014 और 2019 में हमने युति (गठबंधन) में रहते हुए चुनाव लड़ा था। पीएम मोदी के नेतृत्व पर लोगों ने भरोसा जताया और बाला साहेब के विचारों को अपना वोट दिया। हमें युति के उम्मीदवार के रूप में मतदाताओं ने मतदान किया और दो बार जिताया। हमने पिछले दो चुनावों में जो किया है। वहीं आगामी साल 2024 के चुनावों में भी करेंगे। हम अगला चुनाव भी गठबंधन के तहत लड़ेंगे और जनता का आशीर्वाद हासिल करेंगे। साल 2014 और 2019 में मिली चुनावी जीत से भी ज्यादा बड़ी जीत हम इस बार हासिल करेंगे।


विनायक राउत से नाराज थे लोग

राहुल शेवाले ने कहा कि विनायक राउत का दावा पूरी तरह से गलत है। हमने और लोकसभा अध्यक्ष ने सभी नियमों का पालन करते हुए यह प्रक्रिया पूर्ण की है। संसदीय दल के नेता के रूप में मुझे चुना गया है। जो पूरी तरह से वैध है। विनायक राउत पर सभी सांसद नाराज थे। हिंदुत्व का मुद्दा हो यह फिर विकास का मुद्दा हो। इन सब विषयों पर हमें कभी बोलने का मौका ही नहीं दिया गया। रावत अन्य सांसदों को कभी बोलने का मौका नहीं देते थे।। जिस वजह से लोगों ने अपनी नाराजगी जताई और नेता का बदला गया।

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