Thursday, 21 July 2022

महाराष्ट्र में आगामी त्योहार को देखते हुए एकनाथ शिंदे की कानून व्यवस्था को लेकर बैठक जारी

 महाराष्ट्र में आगामी त्योहार को देखते हुए एकनाथ शिंदे की कानून व्यवस्था को लेकर बैठक जारी



मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मुंबई के सह्याद्री गेस्ट हाउस में गणेशोत्सव, दही हांडी और मुहर्रम के आगामी उत्सवों के लिए राज्य की कानून और व्यवस्था की स्थिति पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं. डीसीएम देवेंद्र फडणवीस भी अन्य प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ मौजूद हैं. सीएमओ के ट्विटर हैंडल से ये बात कही गई है.मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बैठक के दौरान कहा, गणेशोत्सव, मुहर्रम और दही हांडी के दौरान सभी प्रकार के नियमों का पालन किया जाना चाहिए. कोविड-19 के दौरान जो भी प्रतिबंध थे, उन्हें हटा दिया गया है लेकिन उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के सभी नियमों का पालन करना आवश्यक है.


 वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के बारे में चर्चा करने के लिए हाल ही में दिल्ली गए थे और कहा कि राज्य सरकार उन्हें न्याय प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री सोमवार देर रात दिल्ली के महाराष्ट्र सदन पहुंचे थे. मीडिया से बात करते हुए, शिंदे ने कहा था कि, 'मैं ओबीसी आरक्षण के बारे में चर्चा करने के लिए दिल्ली आया हूं क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ओबीसी को न्याय प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. यह राज्य के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है. हमने ओबीसी के लिए अपनी तैयारी पर वकीलों के साथ चर्चा की. 


वहीं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को सोमवार को एक और बड़ा झटका लगा है. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना की पुरानी राष्ट्रीय कार्यकारिणी को बर्खास्त कर दिया है और नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है. नई कार्यकारणी में एकनाथ शिंदे की मुख्य नेता के तौर पर नियुक्ति की गई है. इसके साथ ही पुरानी कार्यकारिणी में जितने भी लोग पदों पर थे उन सभी को बर्खास्त कर दिया गया है. विधायक दीपक केसरकर को नई कार्यकारिणी में प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी गई है. नई कार्यकारणी बनाने के बाद से उद्धव ठाकरे की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.    


सुप्रीम कोर्ट में कल हुई सुनवाई

जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की तरफ से कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं. इन सभी मामलों पर एक साथ बुधवार को सुनवाई हुई. जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच द्वारा की गई. सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर अब एक अगस्त को सुनवाई होगी. साथ ही कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी कर हलफनामा दायर करने को भी कहा है. इतना ही नहीं महाराष्ट्र मामले में पांच जजों के संविधान पीठ का गठन भी हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने इसकी ओर इशारा किया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कई संवैधानिक मुद्दे हैं. जिन पर बड़ी बेंच के गठन की जरूरत है. सुप्रीम कोर्ट ने पक्षों को अगले बुधवार तक संवैधानिक सवाल दाखिल करने को कहा. एक अगस्त को अब सुनवाई होगी. 

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