Friday, 29 July 2022

मंत्रिमंडल विस्तार पर अब तक सस्पेंस कायम, इस बीच सीएम शिंदे का गुप्त दिल्ली दौरा, अमित शाह से हुई चर्चा?

करीब एक महीना पूरा होने को आया लेकिन महाराष्ट्र में शिंदे-फडणवीस सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार अब तक नहीं हो पाया है. सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ही मिलकर सरकार चला रहे हैं. आखिर मंत्रिमंडल विस्तार में अड़चनें कहां आ रही हैं? इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर है कि सीएम शिंदे अचानक बुधवार को दिल्ली जाकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिले और गुरुवार की सुबह मुंबई पहुंच गए. इससे पहले राज्य बीजेपी के नेतृत्व ने गिरीश महाजन को अमित शाह से मिलने भेजा.


सीएम शिंदे के बारे में खबर है कि वे बुधवार की रात दिल्ली पहुंचे थे. पत्रकारों को भ्रमित करने के लिए दिन में मीडिया में यह खबर फैलाई गई कि सीएम शिंदे का दिल्ली दौरा कैंसिल हो गया है. लेकिन कहते हैं कि वे देर रात अमित शाह से मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा करके महाराष्ट्र लौटे और आज बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करने निकल गए. इस बीच महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी भी गुरुवार को दिल्ली पहुंचे. नव निर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से उन्होंने भेंट की और उन्हें शुभकामनाएं दीं.


मंत्रिमंडल विस्तार में विभागों को लेकर नहीं बन पा रही बात?

इस बीच विपक्षी नेता अजित पवार ने कहा है कि किसको क्या विभाग देना है, किसे मंत्रिपद देना है, ये शिंदे-बीजेपी मिलकर अब तक तय ही नहीं कर पा रहे हैं. इस पर जवाब में देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आघाड़ी सरकार में भी 32 दिनों तक सिर्फ पांच मंत्रियों ने ही मिलकर सरकार चलाई थी. आज (29 जुलाई, शुक्रवार) अजित पवार ने मीडिया से कहा कि फडणवीस के पास गलत जानकारी है. आघाड़ी सरकार में बत्तीस दिनों तक पांच नहीं बल्कि सात मंत्रियों ने सरकार चलाई थी.


सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर पेंच कहां है? पेंच यह है कि शिंदे गुट में शामिल होने वाले शिवसेना के 40 और बच्चू कडू की पार्टी और निर्दलीय 10 विधायकों को मिला दें तो सीएम शिंदे के समर्थन में कुल 50 विधायक हैं. इनमें से 9 विधायक महा विकास आघाड़ी सरकार में मंत्री थे. इन सब को मंत्रीपद देना जरूरी हो जाता है तो सीएम शिंदे बाकी विधायकों को देंगे क्या? दूसरी तरफ बीजेपी नेतृत्व की दिक्कत यह है कि मुख्यमंत्री पद का त्याग करने के बाद बीजेपी गृह और वित्त समेत सारे अच्छे विभाग अपने पास ही रखना चाह रही है. जबकि सीएम शिंदे गृह या वित्त विभाग में से एक अपने पास रखना चाह रहे हैं. बीजेपी महा विकास आघाड़ी सरकार के फार्मूले पर चलना चाह रही है. वहां सीएम पद शिवसेना के पास था और गृह और वित्त विभाग एनसीपी के पास था. बीजेपी के पास अपने और बीजेपी समर्थक 115 विधायक हैं.


अगले दो-तीन दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाएं

मंत्रिमंडल में 42 लोगों को तो जगह देनी ही होगी. इनमें से सीएम शिंदे और डिप्टी सीएम फडणवीस थपथ ले चुके हैं. बताया जा रहा है कि बाकी 40 मंत्रियों के विभागों को लेकर कल अमित शाह ने मुहर लगा दी है. यानी मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार अब खत्म होने का वक़्त आ चुका है. गुरुवार को अमित शाह से मुलाकात के बाद बीजेपी नेता गिरीश महाजन ने अब अगले दो-तीन दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाएं जताई हैं. शिंदे गुट के शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार ने भी 3 अगस्त से पहले मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाएं जताई हैं. अब देखना यह है कि अगले दो-तीन दिनों में इनकी कही हुई बातें सही साबित होती हैं या मंत्रिमंडल का विस्तार फिर आगे ही आगे खिसकता जाता है.

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