Tuesday, 26 July 2022

पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति ने नौकर के नाम पर ली थी 10 बीघा जमीन, ईडी ने जब्त की करोड़ों की संपत्ति

जेल में बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति पर अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. सोमवार को मोहनलालगंज में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की करोड़ों रुपये की जमीन को जब्त कर लिया गया. लखनऊ जिला प्रशासन की मदद से ईडी ने जमीन को सील किया. प्रजापति ने अपने नौकर के नाम पर ले रखी थी. जमीन पर प्लॉटिंग का काम चल रहा था.डीएम सर्किल रेट के आधार पर इसकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है.


जमीन पर की जा रही थी प्लाटिंग, फिर हुई कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार मोहनलालगंज तहसील के इंद्रजीत खेड़ा गांव में लगभग 10 बीघा जमीन गाटा संख्या 391 और  641 को गायत्री प्रजापति ने अपने नौकर राम सहाय के नाम पर ले रखी थी. इस जमीन पर प्लॉटिंग भी की जा रही थी. जमीन पर प्लाटिंग की शिकायत मिलने के बाद ये कार्रवाई की गई.  मौके पर पहुंची ईडी की टीम ने बोर्ड लगाकर पूरी जमीन को अपने कब्जे में ले लिया. इस पूरी कार्रवाई में ईडी टीम के साथ मोहनलालगंज तहसील के राजस्व कर्मी भी मौजूद रहे.


ईडी ने जमीन पर लगाया नोटिस बोर्ड 

इसकी जानकारी हुई तो सोमवार को ईडी ने जमीन पर नोटिस बोर्ड लगा दिया. बोर्ड पर लिखा है कि धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 की धारा 8(4) के तहत यह संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय, भारत सरकार के कब्जे में है.  इस पर किसी प्रकार का अंतरण अवैध होगा और अतिक्रमी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि ईडी अब तक गायत्री की 90 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी जब्त हो चुकी है. ये संपत्तियां मुंबई, अमेठी, सुल्तानपुर, लखनऊ और कानपुर में थीं.   


ईडी की जांच में पता चला कि गायत्री ने न सिर्फ खुद चुनाव में दिए गए शपथ पत्र में संपत्तियों का ब्योरा छिपाया, बल्कि परिवार के सदस्यों ने भी फर्जी आय दर्शाते हुए आयकर रिटर्न दाखिल किए. बता दें कि आय से अधिक संपत्ति मामले में गायत्री के खिलाफ जांच चल रही है. उनकी लखनऊ, नोएडा, अमेठी और मुंबई समेत कई शहरों में संपत्ति का पता चला है.


जेल में बंद हैं गायत्री प्रजापति

सपा सरकार में खनन और परिवहन मंत्री रहे गायत्री प्रजापति इन दिनों जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे हैं. उन पर चित्रकूट की एक महिला ने बेटी के साथ गैंगरेप का आरोप लगाया था. इस मामले में 6 अभियुक्त बनाए गए थे और तीन कोर्ट से बरी हो गए थे. जबकि गायत्री समेत दो लोग जेल की सजा भुगत रहे हैं. गायत्री पर आय से अधिक संपत्ति का भी मामला दर्ज है.

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