Wednesday, 22 June 2022

लॉटरी माफिया पे मेहरबान zone 3 के पुलिस अधिकारी...

 



कैसे एक कॉन्स्टेबल चला रहा है जोन 3 के कार्यभार..?

ठाणे। ठाणे पुलिस की जोन 3 डीसीपी ऑफिस जो कल्याण और डोंबिवली के कई पुलिस स्टेशन को कवर करता है | एक कांस्टेबल आजकल कंट्रोल रूम में बैठा हुआ संजय पाटिल आजकल जोन 3 में लॉटरी, मटके और अवैध डांस बार वालों का मसीहा बना बैठा हुआ है। हैरत की बात तो यह है कि एक बड़े डीसीपी रैंक के अधिकारी और 2 एसीपी रैंक के अधिकारी होने के बाद भी जोन 3 में यह संजय पाटिल कैसे यह सब बुरे धंधों को खुला समर्थन दे सकता है ? कैसे वो आजकल कंट्रोल रुम में ड्यूटी से गैर हाजिर हो कर बिना वर्दी के पूरे जोन 3 को कंट्रोल करता है। क्या याराना है उनका अवैध लॉटरी वालों से खासकर अहूजा नाम के लॉटरी वाले से ? 

जिसको जोन 4 से आजकल सब धंधे बंद करवा कर पुलिस भी भगा दिया है तो ऐसे अहूजा को कैसे पाटिल और मानपाड़ा पुलिस के कुछ वसूली बाद पुलिसकर्मी खुला समर्थन कर उनको खुलेआम  बच्चों और युवाओं के भविष्य से खेलने का लाइसेंस दिए हुए हैं और क्यों इतना मेहरबान है कोलसेवाडी पुलिस का सीनियर पीआई भी आहूजा  पर , जो कुछ महीने पहले हुए एक लॉटरी के दुकान पर रेड के बाद केस मैं नाम दर्ज होने के बाद दो महीने वांटेड होनी के बाद अहूजा को कोट से बेल मिला और आज कोलशेवाडी सीनियर ने उस अहूजा को खुलेआम 169 करके कोई सबूत ना मिलता बोल के दोष मुक्त कर दिया. कैसे वो दोष मुक्त हो सकता है कैसे सबूत नहीं मिला ? आज भी जोन 3 मैं ही 10 से 15 शॉप लॉटरी के खुलेआम चल रहा है क्या जोन 3 के बड़े अधिकारी को यह नहीं दिखता ? क्या कोलसेवाड़ी सीनियर पीआई ने जो रिपोर्ट बनाकर अहूजा को दोष मुक्त कर दिया उसकी रिपोर्ट एसीपी डीसीपी को नहीं आई ? क्या अब सच होती नहीं दिख रही हमारी खबर की एक कांस्टेबल के भरोसे चल रहा है जोन 3 का काम ? संजय पार्टी पूरे जॉन का अधिकारी बनके बड़े-बड़े अधिकारी को अपने जेब में रहने और वसूली कर बड़े-बड़े अधिकारी के घर चलाने का दावा ऐसे ही नहीं कर रहा ,कुछ तो बात है ना जो एक इल्लीगल लॉटरी चलाने वाला अहूजा खुलेआम लॉटरी के दुकान पे दुकान खोलता जा रहा है और संजय पाटिल और कोलसेवाड़ी पुलिस सीनियर पीआई उनको पुराने केस में क्लीन चिट दे रहे हैं और मानपाड़ा पुलिस उनको खुलेआम लॉटरी के दुकान खोलने की परमिशन देते जा रहे हैं ,वही यह सब खुलेआम चालू होने के बाद भी किसी बड़े अधिकारी को नहीं दिख रहा, बड़ी बात तो यह है कैसे संजय पाटिल जैसे कांस्टेबल और कोलसेवाड़ी और मानपाड़ा के पुलिस इंस्पेक्टर कैसे एक इमानदार डीसीपी के आंखों में धूल जोक्स सकते हैं ? क्या यह सब काम खुलेआम कानून का उल्लंघन नहीं कर रहे  .?यह सब इल्लीगल काम से एक इमानदार डीसीपी 3 की  छवि खराब नहीं हो रही? हो सकता है यह सब वसूली बाज की खबर डीसीपी को ना हो पर हमें उम्मीद है यह न्यूज  के बाद डीसीपी और जोन 3 के आला अधिकारी अहूजा पर हुए केस में 169 की गहरी जांच करेंगे साथी ही मानपाड़ा पुलिस हद में चलने वाले अहूजा और दूसरे लोगों द्वारा चल रहे ए अवैध धंधों को बंद कर आएंगे. साथी ऐसे लोग जो इमानदार ठाणे पुलिस और बड़े अधिकारी ऊपर धब्बा है उन पर कड़क कार्रवाई जरूर करेंगे.

Lorem ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry.