Saturday, 2 April 2022

Ulhasnagar: वाह साई ..वाह ...घटिया लोग घटिया पसंद...




उल्हासनगर :
हमारे चुने हुए नगर सेवक जो स्टैंडिंग कमिटी में गया और अध्यक्ष बनें. पर फायदा क्या जनता क्या ? तिजोरी खोलकर 1 गए गुजरे ठेकेदार के ऊपर लुटा दी.. वह भी गरीबों के खून से बना हुए पैसे को कचरे में डाल के और कचरा खाकर ..
वहां रे साई तेरे रंग निराला ...कुछ महीने पहले एक आश्रम नाम की mx player द्वारा बनाई गई WEB SERIES जिसमें एक अयाश बाबा कैसे अपनी रात रंगीन कर अपने भक्तों के साथ रासलीला मचाता है और मैं डायलाग वह बार-बार मारता है ...बाबा सब जानता है..
ऐसे ही एक नहीं दो दो बाबा है उल्हासनगर के UMC में .
जिनको भोली भाली जनता के द्वारा चुनकर उल्हासनगर मुंसिपल कॉउंसिल में नगर सेवक बनाकर भेजा जैसे उनके area में साफ-सफाई पानी के साथ साथ UMC की सब सेवाएं यह नगर सेवक जनता को लाकर दे सके .मगर यह क्या वो नगर से पहले अपने राजनीतिक गुरु से गद्दारी कर दूसरे पक्ष की मदद से UMC के तिजोरी का चौकीदार बन बैठा. जनता ने सोचा यह तो अच्छा हुआ अब हम लोगों को अच्छा पानी अच्छे रोड भी मिलेंगे और अच्छे बोर्ड बनने के साथ अच्छा उल्हासनगर भी बन जाएगा पर यह क्या..? वह दल बदलू नगर सेवक पहले तो अपनी मां समान पार्टी फिर तो अपने वार्ड के साथ ... और बाबा चोटी वाले बाबा से मिलकर UMC की तिजोरी खोलकर पूरे बचे बचाए पैसे सब कचरे में डाल दिए ..पता है वह भी क्यों ..? क्योंकि इस महान बाबा ने एक महान संत जिसको लोग महान आत्मा समझ के पूजते हैं .उनकी संगत को ही धोखा दे एक घटिया दर्जे की कंपनी का घटिया दर्जे का कचरा खा अपना मुंह काला कर के 8 साल के लिए लोगों के घर दिमाग और UMC के कई पेंडिंग पड़ी अच्छी योजनाओं पर कचड़ा डाल दिया.. एक संत के वारिस जो साई बना घूमता है आज संत समाज के साथ-साथ पूरे उल्लासनगर की जनता को धोखा दे दिया है ..हैरानी की तो बात यह है कि यह बगला भगत साईं घटिया रुप से घटिया कचरा खा के अपने पूर्वजों को कैसे अपने शक्ल दिखा पाएगा ? आगे जा के कैसे उनसे आखें मिला पाएगा ?उनकी पूजा और बरसी करते हुए क्या कहेगा वो अपने वंशजों को की आप ने जो जन हित में समाज हित में कार्य कर संगत को आर्शीवाद के साथ साथ उल्हासनागर को फलता फूलता होने की आशीष कर देव लोग में सुधर गए पर पीछे से ऐसे वंश छोड़ गए तो आज पूरे उल्हासनगर को कचरे मैं डाल दिया? वह भी एक बगला भगत के चक्कर और कचरे की कुछ इसे को खाने के चक्कर में मामला यह है कि कुछ दिन पहले UMC कमिटी ने कचरे के टेंडर के लिए 8 साल के लिए देने को प्रपोजल स्टैंडिंग कमिटी के सामने रखा.. पर सूत्रों से मालूम पड़ा कि एंड वर्क पर UMC COOMISONR ने वह प्रपोजल वापस लेने के लिए अपनी टीम को मीटिंग में भेजा... पर स्टैंडिंग कमिटी के बाहर के कुछ दलाल ने ज़िद कर के स्टैंडिंग टीम के साथ मिलकर पहले एक कंपनी के एजेंट रहे चोटी बाला बाबा के साथ सेटिंग करके एक महान संत के बेटे जो आजकल राजनीति को अपना मां बाप समझने लगा है और एक गिरी हुई राजनीति कर स्टैंडिंग चेयरमैन बनके पूरे उल्हासनगर को बेचने के सपने देखने लगा है... पहले खडे बढ़ने के चक्कर में 8 से 10 करोड़ UMC के खडे में डाल दिया. अब 8 साल का कचरे का ठेका वही घटिया कंपनी को देने के चक्कर में अपना धर्म अपना ईमान जहां तक कि अपने समाज में गुरु समान पिता जी की मान मर्यादा तक कचरे का हिस्सा खाने के चक्कर में धाव पर लगा दी .वाह साई वाह .. अपने जेब भरने के चक्कर में उल्हासनगर वासियों के मेहनत की कमाई जो टैक्स के रूप में भरी गई. उसको आज दोनों हाथ से लुटा दिया... हम पूछते हैं ऐसे क्या जरुरत थी कि जो कंपनी 4 ,5 लाख दिन का लेकर काम करती थी उसको ही 8 से 9 लाख मैं कैसे वही टेंडर दिया गया... वह भी 8 साल के लिए हैरानी की बात यह है कि टेंडर कंपनी को देने से पहले उल्टा UMC अपनी ट्रक डंपर लेकर देने वाली है उस हिसाब से कंपनी की खुद की लागत कम हो गई है तो एंडरसन रेट में होना चाहिए तो डबल रेट में क्यों वह भी जब 2 दिन पहले जब स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य खत्म होने से पहले आनन फानन पास किया गए.. वह भी एक करोड़ की समाजसेवा में खर्च करने की शर्ट से जो पहले से लागू है पर आजतक इस ठेकेदार कंपनी ने कौन सा समाज कार्य किया है? आज तक वह तक किसी ने नहीं पूछा.. पर अब हम बात कर रहे हैं संत समाज के उस इंसान की जिस पर भरोसा कर जनता से UMC तब पहुंचाएगा वही आज गद्दारी करके जनता की पैसे के लूट का फरमान निकालकर एक ठेकेदार से कचरा खा के पास करवा दिया ..आज कैसे यह बगुला भगत को यहां की जनता लूटा .
हम ये आज किसी संत महात्मा के ऊपर उंगली नहीं उठा रहे हम तो उन महान संत जिनके बेटा आज लूट के चक्कर में पढ़ा हुआ है उनकी बात कर रहे हैं पिता साहब जी हमेशा आदरणीय थे और रहेंगे ..उन्होंने तो समाज के लिए अच्छे और एकजुट रहने के लिए काम किया. हम ऐसे इंसान की पोल खोल रहे हैं जो आजकल उल्हासनगर की जनता को लूटने वालों का साईं बना हुआ है तभी तो हमको आज कहना पड़ रहा है... वाह साईं वाह ..साईं यह तूने क्या किया..? कितना कचरा खा के उल्हासनगर की जनता को लूट के अपना पेट खराब किया?

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