Wednesday, 6 April 2022

सिंधी समुदाय और देवेंद्र ...

 



नागपुर। इष्टदेव झूलेलाल का महोत्सव सिर्फ मेला, नहीं बल्कि भारतीय सिंधु सभा द्वारा नागपुरवासियों को हमारी पुरातन एवं उच्च कोटि की सभ्यता के दर्शन कराए जा रहे हैं। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भारतीय सिंधु सभा की ओर से झूलेलाल जयंती चेट्रीचंड पर जरीपटका के दयानंद पार्क में आयोजित तीन दिवसीय मेले के समापन समारोह में व्यक्त किए। इस अवसर पर पूर्व पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, पूर्व विधायक मिलिंद माने, भारतीय सिंधु सभा के शहर अध्यक्ष घनश्याम कुकरेजा प्रमुख रूप से उपस्थित थे। पिछले 37 वर्षों से नागपुर में चेट्रीचंड मेला का आयोजन किया जा रहा है। 1979 में चेट्रीचंड पर पूर्व उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के हस्ते भारतीय सिंधु सभा की मुंबई में स्थापना की गई। अर्जुनदास कुकरेजा सभा के विदर्भ के संयोजक नियुक्त किए गए। सिंधी समाज के झमटमल वाधवानी, हरिराम समतानी, वासुदेव वलेचा ने सहयोग किया।



नागपुर सहित पूरे देश में सभा की करीब 350 शाखाएं कार्यरत हैं। स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र कुकरेजा, संजय चौधरी, प्रमिला मथरानी, डॉ. विंकी रुघवानी, दौलत कुंगवानी, राजेश बटवानी, मेला संयोजक सतीश आनंदानी, सुषमा चौधरी, वंदना खुशालानी, राजू हिंदुस्तानी, जय सहजरामानी, अशोक केवलरमानी, मंजू कुंगवानी, किशोर लालवानी, जगदीश वंजानी, किशन असुदानी, तुलसीदास खुशालानी, कमल मूलचंदानी, गुड्डू केवलरमानी, झूलेलाल मंदिर के महंत मोहनलाल ठकुर, चंदन गोस्वामी, राखी कुकरेजा, मीनाक्षी मेघराजनी, राशि वासवानी, रति वंजानी, कोमल खूबचंदानी, पूजा मोरयानी, संजय हेमराजानी उपस्थित थे।


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