Wednesday, 30 March 2022

ऐलान: ऊर्जा मंत्री के लिखित आश्वासन के बाद कर्मचारियों की हड़ताल खत्म




मुंबई। ऊर्जा मंत्री नितिन राऊत के लिखित आश्वासन के बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया है। निजीकरण न करने, तबादले की नीति में बदलाव करने जैसी विभिन्न मांगो को लेकर बिजली विभाग के कर्मचारियों ने सोमवार से हड़ताल शुरू की थी। जिसके बाद राज्य में बिजली संकट के आसार नजर आने लगे थे। बिजली कंपनियों का निजीकरण न करने का पहले ही ऐलान कर चुके राऊत ने मंगलवार को कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक में आश्वासन दिया कि वे तबादले की नीति को लेकर किए गए एकतरफा फैसले को वापस लेने के लिए कदम उठाएंगे। बैठक के बाद कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों को सुरक्षा देने के मुद्दे पर भी बातचीत हुई है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा मंत्री राऊत के लिखित आश्वासन के बाद हड़ताल खत्म करने का फैसला किया गया। संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि हमारा आंदोलन केंद्र सरकार के नए कानून के खिलाफ था। केंद्र सरकार निजीकरण की साजिश रच रही है इसलिए यह हड़ताल शुरू की गई थी लेकिन अब राज्य सरकार ने अपनी भूमिका साफ कर दी है और कहा है कि वह निजीकरण के खिलाफ है जिसके बाद हड़ताल खत्म की जा रही है।

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