Saturday, 8 January 2022

mumbai: करोड़ों का खेल....फिर भी सुरक्षा के पैसे देने को फेल

 


मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन से 14.82 करोड़ की बकाया राशि वसूलने में मुंबई पुलिस फेल

◆ संपत्ति जब्त करने का अधिकार

◆ 9.5 प्रतिशत ब्याज लगेगा

◆ सुस्त हैं गृह विभाग


मुंबई : मुंबई में होनेवाले क्रिकेट मैच में मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को मुंबई पुलिस सुरक्षा प्रदान करती हैं और उसके लिए शुल्क लिया जाता हैं। विभिन्न मैच का 14.82 करोड़ बकाया हैं और मुंबई पुलिस ने इसे वसूलने के लिए मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को 35 रिमांडर भेजने की जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को दी हैं। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन से 14.82 करोड़ की बकाया राशि वसूलने में मुंबई पुलिस फेल होने का आरोप लगाया जा रहा हैं। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मुंबई पुलिस से जानकारी मांगी थी कि मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को विभिन्न क्रिकेट मैच के लिए प्रदान की गई सुरक्षा और उसके लिए वसूल किए गए बंदोबस्त  शुल्क की जानकारी दे। मुंबई पुलिस ने अनिल गलगली को गत 8 वर्षों में हुए मैच की जानकारी दी। इन मैच में 2013 का महिला वर्ल्ड कप, 2016 का वर्ल्ड कप टी 20, 2016 में टेस्ट मैच, 2017 और 2018 की आईपीएल, वनडे मैच का 14 करोड़ 82 लाख 74 हजार 177 रुपए मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने अब तक अदा नहीं किया हैं। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने गत 8 वर्ष में सिर्फ 2018 की आईपीएल क्रिकेट मैच का 1.40 करोड़ का शुल्क अदा किया हैं। मुंबई पुलिस ने दावा किया हैं कि अबतक मुंबई पुलिस ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष को 35 रिमांडर भेजा हैं। इस बकाया राशि पर 9.5 प्रतिशत ब्याज लगेगा।

1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 में हुए क्रिकेट मैच का शुल्क अब तक इसलिए वसूल नहीं किया गया क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने अबतक कितना शुल्क वसूला जाए, इसका आदेश जारी नहीं किया हैं। मुंबई पुलिस ने इस मामले को लेकर गृह विभाग के अप्पर मुख्य सचिव को 9 बार पत्राचार किया हैं लेकिन सुस्त गृह विभाग प्रतिसाद नहीं दे रहा हैं।


अनिल गलगली ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटील और गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मांग की हैं कि बकाया राशी न अदा करने पर मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन पर एफआईआर दर्ज करे और असोसिएशन की संपत्ति को जिलाधिकारी द्वारा जब्त कर पैसे वसूल करने की प्रक्रिया आरंभ करे।


SHARE THIS

Author:

Etiam at libero iaculis, mollis justo non, blandit augue. Vestibulum sit amet sodales est, a lacinia ex. Suspendisse vel enim sagittis, volutpat sem eget, condimentum sem.

0 coment rios: