Tuesday, 11 January 2022

ambernath: वालधुनी नदी संवर्धन के लिए एक साथ आए सरकारी अधिकारी...

  • अंबरनाथ नपा मुख्याधिकारी डॉ रसाल और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में बैठक...
  • अवैध तरीक़े केमिकल छोड़ने वाली कम्पनियों पर कार्यवाही करके वालधुनी नदी को स्वच्छ बनाने का बीड़ा उठाया...






अंबरनाथ : अंबरनाथ ग्रामीण से उगम होने वाली व उल्हासनगर से बहने वाली वालधुनी नदी का प्रदूषण कम करने के उपायों पर चर्चा करने के लिए हाल ही में अंबरनाथ नगरपालिका में नपा के मुख्याधिकारी डॉ प्रशांत रसाल की उपस्थिती में एक महत्तपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर पालिका प्रशासन, एमआईडीसी जैसी सरकारी एजेंसियों ने हिस्सा लिया।

वालधुनी नदी में कुछ केमिकल कंपनियों द्वारा  रसायनयुक्त पानी छोड़े जाने की वजह से नदी का प्रदूषित हो चुकी है. अंबरनाथ नपा द्वारा भूमिगत गटार योजनाएं कार्यन्वित है, केमिकल कम्पनियों द्वारा उन्ही पाइप में अवैध तरीके से केमिकल छोड़ा जाने से वडोलगांव और चीखलोली मल शुद्धिकरण केंद्र एसटीपी में अड़चनें आ रही है, और एमपीसीबी द्वारा दिये मानक बनाये रखने में तकलीफ़ हो रही है, इसी सिलसिले में अंबरनाथ नगर पालिका में हुई सरकारी एजेंसियों की बैठक में नदी को बचाने व उसके संरक्षण के उपायों पर चर्चा हुई. 

ज्ञात हो कि अंबरनाथ बदलापुर एमआईडीसी की छोटी केमिकल कंपनियों से निकलने वाले रसायन युक्त पानी को बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे वालधुनी नदी में छोड़ दिया जाता है. जींस धोने की फैक्ट्रियां भी नदी को प्रदूषित कर रहीं है. नतीजतन पिछले कुछ वर्षों में नदी नाले में बदल गई है.  वनशक्ति संस्था ने नदी के पुनरुद्धार के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने राष्ट्रीय हरित लवाद को भी शिकायत दर्ज कराई है. लंबी जांच प्रक्रिया के बाद एनजीटी ने स्थानीय नपा व उल्हासनगर मनपा को जुर्माना लगाया था. वालधुनी नदी को लेकर कोई ठोस फैसला लेने के लिए अंबरनाथ नगर पालिका के कांफ्रेंस हॉल में शुक्रवार को आयोजित बैठक में अंबरनाथ  नपा के मुख्याधिकारी डॉ प्रशांत रसाल, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संभागीय अधिकारी शंकर वाघमारे, एमआईडीसी, अंबरनाथ नगर पालिका के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व डीसीपी  प्रशांत मोहिते आदि मौजूद थे सभी ने चर्चा में भाग लिया, अवैध तरीक़े केमिकल छोड़ने वाली कम्पनियों पर कार्यवाही करके वालधुनी नदी को स्वच्छ बनाने का बीड़ा उठाया।

Lorem ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry.