Wednesday, 17 November 2021

कॉमेडियन के बयान पर विवाद: वीर दास ने अमेरिका के लाइव शो में दिया भारत विरोधी बयान, FIR दर्ज होने के बाद दी सफाई

कॉमेडियन वीर दास अपने भारत विरोधी बयान को लेकर मुश्किल में फंस गए हैं। वीर ने वॉशिंगटन डीसी में 'जॉन एफ कैनेडी सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स' में अपने परफॉर्मेंस का वीडियो यूट्यूब चैनल पर शेयर किया। वीर ने इस छह मिनट के वीडियो में अमेरिका के लोगों के सामने भारत के लोगों के कथित दोहरे चरित्र के बारे में जिक्र किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि मैं उस भारत से आता हूं, जहां हम दिन में औरतों की पूजा करते हैं और रात में गैंगरेप करते हैं।

वीर के इस बयान का सोशल मीडिया पर जमकर विरोध हो रहा है। उन पर मुंबई में FIR भी दर्ज हो गई है। विवाद बढ़ने के बाद वीर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर अब माफी मांगी है। उन्होंने कहा है कि उनका इरादा देश का अपमान करने का नहीं था, बल्कि उनका इरादा यह याद दिलाने का है कि देश अपने तमाम मुद्दों के बाद भी 'महान' है।

कॉमेडियन के खिलाफ शिकायत दर्ज
बॉम्बे हाई कोर्ट के एडवोकेट आशुतोष जे दुबे ने कॉमेडियन के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। जिसकी एक कॉपी उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर की है। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, "मैंने कॉमेडियन वीर दास के खिलाफ मुंबई पुलिस में अमेरिका में भारत की छवि खराब करने को लेकर शिकायत दर्ज करवाई है, जो भड़काऊ है। उन्होंने जान बूझकर भारत, भारतीय महिलाओं और भारत के PM के खिलाफ उकसाने वाले और अपमानजनक बयान दिए हैं।"

बता दें कि वीर दास इन दिनों अमेरिका में हैं। बीते दिनों उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर 'आई कम फ्रॉम टू इंडियाज' टाइटल वाला एक वीडियो अपलोड किया था। इस वीडियो में वीर दास भारत पर एक कविता कहते सुनाई दे रहे हैं।

वीर दास की कविता 'टू इंडियाज'
मैं उस भारत से आता हूं, जहां AQI 9000 है लेकिन हम फिर भी अपनी छतों पर लेटकर रात में तारे देखते हैं।
मैं उस भारत से आता हूं, जहां हम दिन में औरतों की पूजा करते हैं और रात में गैंगरेप करते हैं।
मैं उस भारत से आता हूं, जहां आप हमारी हंसी की खिलखिलाहट हमारे घर की दीवारों के पार से भी सुन सकते हैं।
और मैं उस भारत से भी आता हूं, जो कॉमेडी क्लब की दीवारें तोड़ देता है, जब उसके अंदर से हंसी की आवाज आती है।
मैं उस भारत से आता हूं, जहां ओल्ड लीडर्स अपने मरे पिता के बारे में बात करना बंद नहीं करते और न्यू लीडर्स अपनी जीवित मां के रास्तों पर चलना शुरू नहीं करते।
मैं उस भारत से आता हूं, जहां की एक बड़ी आबादी 30 साल से छोटी है, लेकिन फिर भी 75 साल के लीडर्स के 150 साल पुराने आइडियाज को सुनना बंद नहीं करती।
मैं उस भारत से आता हूं, जहां लोग क्लब के बाहर सड़कों पर सोते हैं, लेकिन साल में 20 बार तो सड़क ही क्लब होती है।
मैं उस भारत से आता हूं, जहां हम वैजिटेरियन होने में गर्व महसूस करते हैं, लेकिन उन्हीं किसानों को कुचल देते हैं, जो ये सब्जियां उगाते हैं।
मैं उस भारत से आता हूं, जो कभी चुप नहीं होता और मैं उस भारत से आता हूं जो कभी नहीं बोलता।
मैं उस भारत से आता हूं, जहां बच्चे मास्क लगा कर एक दूसरे का हाथ थामते हैं और मैं उस भारत से भी आता हूं, जहां के लीडर्स बिना मास्क लगाए गले मिलते हैं।
मैं उस भारत से आता हूं, जहां हम बॉलीवुड की वजह से ट्विटर पर बंटे होते हैं, लेकिन थिएटर के अंधेरे में उसी बॉलीवुड की वजह से एक साथ होते हैं।
मैं उस भारत से आता हूं, जहां हम जब भी 'ग्रीन' के साथ खेलते हैं, ब्लीड ब्लू का नारा देते हैं, लेकिन ग्रीन से हारने पर हम अचानक से ऑरेंज हो जाते हैं।
मैं उस भारत से आता हूं, जहां म्यूजिक हमारा 'बहुत हार्ड' है, लेकिन जज्बात 'बहुत सॉफ्ट' हैं।
मैं उस भारत से आता हूं, जो ये देखेगा और कहेगा 'ये कॉमेडी नहीं है.. जोक कहां है ?' और मैं उस भारत से भी आता हूं, जो ये देखेगा और जानेगा कि ये बहुत बड़ा जोक ही है, बस फनी नहीं है।

वीर दास को अब देश को अपमानित करने वाले शब्दों के कारण विरोध का सामना करना पड़ रहा है। लोग उन्हें 'देशद्रोही' भी बता रहे हैं। इतना ही नहीं इस वीडियो को शेयर करके बीजेपी कार्यकर्ता प्रीति गांधी ने भी अपना गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने लिखा है कि देश के बारे में ये बयान घिनौना और बकवास है। मामला बढ़ता देख वीर दास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर सफाई भी दी है।

कॉमेडियन ने दी सफाई
वीर दास ने पोस्ट शेयर कर लिखा है कि उनका इरादा देश का अपमान करने का नहीं था, बल्कि उनका इरादा यह याद दिलाने रहा है कि देश अपने तमाम मुद्दों के बाद भी 'महान' है। उन्होंने कहा है कि एक ही विषय के बारे में दो अलग विचार रखने वाले लोगों के बारे में वीडियो में बात हो रही है और ये किसी तरह का कोई रहस्य नहीं है, जिसे लोग जानते नहीं है। वीर दास ने आगे कहा कि लोग भारत को एक उम्मीद के साथ देखते हैं। नफरत के साथ नहीं। लोग भारत के लिए तालियां बजाते हैं, इज्जत देते हैं और मुझे अपने देश पर गर्व है। मैं इस गर्व के साथ जीता हूं।"



SHARE THIS

Author:

Etiam at libero iaculis, mollis justo non, blandit augue. Vestibulum sit amet sodales est, a lacinia ex. Suspendisse vel enim sagittis, volutpat sem eget, condimentum sem.

0 coment rios: