Tuesday, 16 November 2021

चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर CBI के छापे:14 राज्यों-UT में 76 जगह जांच एजेंसी का सर्च ऑपरेशन, बच्चों के अश्लील वीडियो बनाने और शेयर करने पर कार्रवाई

 बच्चों के अश्लील वीडियो बनाने और उन्हें शेयर करने के मामले में CBI मंगलवार की सुबह से देश के 76 लोकेशन पर ताबड़तोड़ छापामारी कर रही है। CBI अफसरों से मिली जानकारी के अनुसार, 14 नवंबर को इस मामले में 83 आरोपियों के खिलाफ 23 नामजद FIR रजिस्टर किए गए थे।

CBI के आरसी जोशी ने भास्कर डॉट कॉम को बताया कि आज सुबह से देश के अलग-अलग राज्यों के 76 शहरों में यह सर्चिंग चल रही है। दो दिन पहले ही CBI ने इस मामले में केस दर्ज किया था। आज सुबह से मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार, ओडिशा, तमिलनाडु, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर लोगों के घरों में छापा मारा गया है। 14 राज्यों और UT के अलग-अलग शहरों में यह कार्रवाई की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, मध्यप्रदेश के 3 बड़े शहरों में भी छापामारी की जा रही है।

बच्चों के खिलाफ साइबर क्राइम के मामले 400% बढ़े

NCRB के मुताबिक बच्चों के खिलाफ ज्यादातर अपराध उन्हें यौन कार्यों में दिखाने के हैं।
NCRB के मुताबिक बच्चों के खिलाफ ज्यादातर अपराध उन्हें यौन कार्यों में दिखाने के हैं।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के पिछले दिनों जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक देशभर में बच्चों के खिलाफ साइबर क्राइम 2019 की तुलना में 2020 में 400% से ज्यादा बढ़े हैं। इनमें से ज्यादातर मामले यौन कार्यों में बच्चों को दिखाने वाली सामग्री के प्रकाशन और प्रसारण से जुड़े हैं।

UP में सबसे ज्यादा साइबर पोर्नोग्राफी के मामले
NCRB के 2020 के आंकड़ों के मुताबिक, बच्चों के खिलाफ साइबर पोर्नोग्राफी के सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश में 161, महाराष्ट्र में 123, कर्नाटक में 122 और केरल में 101 दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा ओडिशा में 71, तमिलनाडु में 28, असम में 21, मध्यप्रदेश में 20, हिमाचल प्रदेश में 17, हरियाणा में 16, आंध्रप्रदेश में 15, पंजाब में 8, राजस्थान में 6 केस सामने आए थे। इनमें से केरल व कर्नाटक को छोड़कर बाकी राज्यों में आज छापे की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा गुजरात व दिल्ली में भी आज CBI की जांच चल रही है।

सुप्रीम कोर्ट के जज ने किया था आगाह
बच्चों के अधिकारों को लेकर पिछले महीने हुए एक संवाद कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस यू.यू. ललित ने कहा था कि सिर्फ बाल तस्करी और बाल शोषण ही नहीं, चाइल्ड पोर्नोग्राफी एक ऐसी चीज है जिस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।



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