केंद्र का ऐतिहासिक कदम, सुप्रीम कोर्ट को बताया- महिलाओं को भी मिलेगा NDA में दाखिला

 


नई दिल्ली: महिलाएं भी नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में दाखिला ले सकेंगी. केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को कहा कि भारत के सशस्त्र बलों में स्थायी कमीशन के लिए महिलाएं भी एनडीए में भर्ती होंगी. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और भारतीय सेना को ‘नीति’ के चलते फटकार लगाई थी और मामले की समीक्षा करने के आदेश दिए थे. साथ ही अदालत ने इस वर्ष होने वाली परीक्षा में महिलाओं को बैठने की अनुमति दी थी.

हालांकि, सरकार ने कहा है कि महिलाओं को एनडीए पाठ्यक्रमों में शामिल करने के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए थोड़ा समय चाहिए. शीर्ष अदालत ने सरकार को 10 दिनों का समय दिया है. याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा, ‘हमें यह जानकर बेहद खुशी हो रही है कि सशस्त्र बलों ने खुद ही महिलाओं को एनडीए में शामिल करने का फैसला ले लिया. हम जानते हैं कि सुधार एक दिन में नहीं होते… सरकार इस प्रक्रिया और कार्रवाई की समयसीमा तय करेगी.’

कोर्ट ने कहा, ‘सशस्त्र बल अहम भूमिका निभाते हैं… लेकिन बलों में लैंगिक समानताओं के लिए और काम करने की जरूरत है. हम चाहते हैं कि वे अदालत के हस्तक्षेप का इंतजार करने के बजाए, खुद ही लैंगिक समानता को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं.’

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में उस याचिका पर सुनवाई हो रही थी जिस में मांग की गई है कि महिलाओं को भी एनडीए यानी नेशनल डिफेंस एकेडमी और नेवल एकेडमी में जगह मिलनी चाहिए. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि इस साल होने वाली एनडीए की परीक्षा में छात्राओं को भी शामिल होने दिया जाए. उनका सिलेक्शन होगा या नहीं इस पर कोर्ट बाद में फैसला देगा. सरकार अब तक महिलाओं के एनडीए में जाने का विरोध कर रही थी.

सरकार का कहना था कि महिलाओं को सेना में यूपीएससी और दूसरी परीक्षाओं द्वारा चयनित किया जाता है. इसलिए फिलहाल एनडीए का रास्ता खोलने की जरूरत नहीं. लेकिन आज की सुनवाई में केंद्र सरकार के वकील ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया की केंद्र सरकार ने मंगलवार को ये फैसला लिया है कि महिलाओं को एनडीए में एंट्री दी जाएगी. ये फैसला सेना के तीनों धड़ों से चर्चा करने के बाद लिया गया है. सरकार की नई नीति के मुताबिक अब एनडीए और नेशनल नेवल एकेडमी में महिला कैडेट भी चयनित की जाएंगी. लेकिन अभी इसकी पूरी रूपरेखा नही बनी है. इसके लिए थोड़ा समय की जरूरत है.

इसके जवाब में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बदलाव को वक्त की जरूरत होती है. लेकिन सरकार को बताना होगा की कितना वक्त. कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि 20 सितंबर तक हलफनामा दाखिल कर टाइमलाइन के साथ बताएं कि महिलाओं की एनडीए में एंट्री को कैसे और कब तक लागू किया जाएगा.



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