Saturday, 24 July 2021

परभणी के एसडीओपी को मुंबई एसीबी ने किया गिरफ्तार


मुंबई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो(एसीबी) ने परभणी के उप विभागीय पुलिस अधिकारी(एसडीओपी) राजेंद्र पाल व उनके अधीन काम करनेवाले पुलिसकर्मी गणेश चव्हाण को एक कारोबारी से दो करोड़ रुपए की घूस मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। कारोबारी की अपने दिवंगत मित्र की पत्नी से हुई बातचीत का एक ऑडियों क्लिप वायरल हो गया था। इस क्लिप के आधार पर आरोपी पुलिस अधिकारियों ने कारोबारी से कहा था कि यदि उन्हें पैसे दिए जाते है तो वे उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करेंगे। 


दरअसल शिकायतकर्ता कारोबारी के मित्र की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद परभणी जिले के शेलु पुलिस स्टेशन में इस घटना को लेकर मामला दर्ज किया गया था। इस हादसे के बाद शिकायतकर्ता कारोबारी ने अपने एक कर्मचारी के फोने से  मित्र की पत्नी को सांत्वना देने के लिए फोन किया। कारोबारी व मित्रकी पत्नी के बीच हुई बातचीत फोन में रिकार्ड हो गई। जो बाद में पूरे परभणी में वायरल हो गई।  एसीबी की प्रवक्ता नीलम वल्वी के मुताबिक इस ऑडियो क्लिप की बातचीत का कुछ हिस्सा आपत्तिजनक था। इस क्लिप के आधार पर आरोपी एसडीओपी पाल ने कारोबारी से  संपर्क किया। इसके साथ ही उसे 9 जुलाई 2021 को पुलिस स्टेशन में बुलाया।

 एसडीओपी ने कारोबारी  से कहा कि इस ऑडियो क्लिप के आधार पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यदि वह कार्रवाई से बचना चाहता है तो उसे दो करोड़ रुपए देने होंगे। मोलभाव के बाद बात डेढ करोड़ रुपए में तय हुई। लेकिन कारोबारी यह रकम देने को तैयार नहीं हुआ। उसे एसीबी की स्थानीय यूनिट पर विश्वास नहीं था इस लिए कोरोबारी ने मामली की शिकायत एसीबी के मुंबई कार्यालय में से की।शिकायत के  बाद  एसीबी ने अपना जाल बिछाया। इसके तहत एसीबी ने पहले परभणी में एसडीओपी के अधीन काम करनेवाले गणेश चव्हाण को दस लाख रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। इसके बाद एसडीओपी पाल को गिरफ्तार  किया गया। बाद में छानबीन के दौरानएसीबी को पाल के दादर (मुंबई) स्थित घर से 25 लाख रुपए नकद मिले है। 

Lorem ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry.