BIG BREAKING: महाराष्ट्र में बड़ी दुर्घटना, महाड में चट्टान खिसकने से 36 लोगों की मौत

 जिलाधिकारी निधि चौधरी ने 32 मौत की पुष्टि की है. 35 घरों पर पहाड़ से चट्टान टूट कर गिरी है. यानी एक तरह से पूरा गांव तबाह हो गया है. विधानपरिषद में नेता प्रतिपक्ष प्रवीण दरेकर के मुताबिक मलबे के नीचे 40 से अधिक और शवों के होने की आशंका है.

महाराष्ट्र के महाड के पास एक बहुत बड़ी दुर्घटना हुई है. रायगढ़ के महाड के तलई गांव में चट्टान खिसकने से 36 लोगों की मौत हो गई है. जिलाधिकारी निधि चौधरी ने 32 मौतों की पुष्टि की है. 35 घरों पर पहाड़ से चट्टान टूट कर गिरी है. यानी एक तरह से पूरा गांव तबाह हो गया है. विधानपरिषद में नेता प्रतिपक्ष प्रवीण दरेकर के मुताबिक मलबे के नीचे 40 से 45और शवों के होने की आशंका है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, मलबे के नीचे करीब 80 से 90 लोगों के दबे होने की आशंका है.


मिली जानकारी के मुताबिक, कल 4.30 बजे शाम को यह दुर्घटना हुई. लेकिन प्रवीण दरेकर के मुताबिक अभी तक बचाव कार्य के लिए प्रशासन से न तो फायर ब्रिगेड की टीम आई है और न ही राहत कार्य से जुड़ी कोई अन्य टीम आई है. स्थानीय लोगों ने ही अब तक 36 शवों को मलबों से निकाला है.

वहीं, जिलाधिकारी निधि चौधरी ने बताया कि प्रशासन को सूचना 5.30 बजे मिली. कल ही एनडीआरएफ की टीम को सूचना दी गई थी. लेकिन रात को हेलिकॉप्टर उड़ नहीं पा रहा था. करीब पौने दो बजे दोपहर Tv9 से बातचीत में बताया कि अत्यधिक बारिश की वजह से रास्ते खराब हो चुके हैं. इसलिए रेस्क्यू टीम को पहुंचने में दिक्कतें पेश आ रही हैं. थोड़ी ही देर में रेस्क्यू टीम पहुंचने वाली है. बता दें कि स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर काफी आक्रोश है कि आज आधा दिन निकल चुका है, अब तक राहत और बचाव कार्य शुरू नहीं हो पाया है. स्थानीय लोग मलबे हटा रहे हैं.


मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दी प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) ने इस संबंध में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मौसम विभाग ने अत्यधिक बरसात का अनुमान जताया था. लेकिन अब अति वृष्टि की व्याख्या बदलनी होगी. जिस तरह से चट्टान खिसकने की घटनाएं हो रही हैं. ऐसी घटनाएं अति वृष्टि की व्याख्या के अंतर्गत नहीं यह अति से भी ज्यादा वृष्टि के अंतर्गत आती हैं. यह सिर्फ अत्यधिक बरसात नहीं बल्कि अनपेक्षित संकट है. कम से कम समय में अधिक से अधिक बरसात हो रही है. अत्यधिक बरसात की वजह से राहत कार्य को पहुंचाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं. कल मेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से बात हुई उन्होंने हर संभव मदद करने का भरोसा दिया है. आर्मी( Indian Army), नेवी (Indian Navy), वायुसेना (Indian Airforce), कोस्ट गार्ड (Coast Guard)और एनडीआरएफ (NDRF) की टीम मदद कर रही है.

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