Saturday, 19 June 2021

डिप्टी CM की चेतावनी:अजित पवार ने कहा-लॉकडाउन के बीच अगर लोनावला या महाबलेश्वर घूमने गए पुणे के लोग, तो लौटने पर रहना होगा 15 दिन तक क्वारैंटाइन

 

अजित पवार ने कहा कि पिंपरी चिंचवाड़ में 43 प्रतिशत मृत्यु ऐसे लोगों की हुई है, जिन्हें किसी प्रकार की बीमारी नहीं थी। - Dainik Bhaskar
अजित पवार ने कहा कि पिंपरी चिंचवाड़ में 43 प्रतिशत मृत्यु ऐसे लोगों की हुई है, जिन्हें किसी प्रकार की बीमारी नहीं थी।

महाराष्ट्र में नए पॉजिटिव पेशेंट की संख्या भले ही 10 हजार से कम हो गई है, लेकिन अभी भी सिंधुदुर्ग, रायगढ़, रत्नागिरी और कोल्हापुर जैसे जिलों में राहत नहीं मिली है। पुणे समेत राज्य के कई बड़े शहरों में लॉकडाउन में ढील के बाद बड़ी संख्या में लोग बाहर निकल रहे हैं और लोनावला, महाबालेश्वर जैसी जगहों पर घूमने जा रहे हैं। ऐसे ही लोगों पर आज (शनिवार को) डिप्टी CM अजित पवार ने नाराजगी जताई है।

शनिवार को पुणे में अजित पवार ने कहा,'शनिवार, रविवार को बहुत भीड़ होती है। महाबलेश्वर, खंडाला-लोनावला में पर्यटकों की भीड़ हो रही है। भ्रमण के लिए भी लोग बाहर निकल रहे हैं। ऐसा हुआ तो पुणे से बाहर गए लोगों को 15 दिन के लिए क्वारैंटाइन करना पड़ेगा।

वीकेंड पर बंद रहेगा पुणे
अजित पवार ने आगे कहा कि कोरोना का संकट धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन फिर भी सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने एक साथ बैठकर निर्णय लिया है कि शनिवार और रविवार को पुणे बंद रहेगा। उन्होंने आगे बताया कि इस दौरान सिर्फ अति आवश्यक सेवा शुरू रहेगी। सोमवार-शुक्रवार सब कुछ शुरू रहेगा।

पुणे में तीसरी लहर का बड़ा खतरा
पवार ने कहा कि आगामी शनिवार और रविवार से यह नियम लागू होंगे। उन्होंने बताया कि टास्क फोर्स के डॉक्टरों ने कहा है कि इंग्लैंड, अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका में आए तीसरी लहर को देख रहे हैं। वहां वैक्सीनेशन होने के बाद भी ऐसी स्थिति हो गई है। हर मनुष्य का स्वास्थ्य ठीक है तो सब कुछ ठीक है। अगर परिवार का कमाऊ इंसान को कुछ हो जाता है, तो पूरा परिवार सड़क पर आ जाता है।

मरने वालों में 53% मौतें 60 साल से कम वालों की हुई
अजित पवार ने आगे बताया कि पिंपरी चिंचवड में मौत का विश्लेषण करने की कोशिश की है। इसमें 4 अस्पताल से डाटा इकट्ठा किया गया। 53 प्रतिशत मृत्यु 60 साल से कम उम्र के वर्ग में हुआ है। 25 से 30 वर्ष के लोगों में भी मृत्यु के प्रमाण हैं। 43 प्रतिशत मृत्यु ऐसे लोगों की हुई है, जिन्हें किसी प्रकार की बीमारी नहीं थी।


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