Tuesday, 8 June 2021

जाति प्रमाण पत्र केस : नवनीत राणा ने कहा, देर है अंधेर नहीं है न्याय मिलेगा





मुंबई: अमरावती से लोकसभा की सांसद नवनीत राणा की जाति प्रमाण पत्र को बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया.सांसद नवनीत राणा की जाति प्रमाण पत्र को रद्द करते हुए कोर्ट ने उन पर 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. वहीं, इस अमरावती सांसद नवनीत राणा ने प्रतिक्रिया दी हैं. उन्होंने कहा कि मैं इस देश के नागरिक के रूप में अदालत के आदेश का सम्मान करता हूं. मैं सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगा, मुझे विश्वास है कि मुझे न्याय मिलेगा. मेरी जाति प्रमाण पत्र पर अभी तक कई कमेटी ने कोई सवाल नहीं उठाया है. जिस तरीके का हाईकोर्ट से निर्णय आया है उसमें कहीं न कहीं कुछ और दिखाई देता है. मैं इस पूरे मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाऊंगी. सुप्रीम कोर्ट में मुझे न्याय मिलेगा.
9 सालों से मैं इसी चीज के ऊपर लड़ाई लड़ रही हूं मैं लोगों के लिए काम कर रही हूं इसलिए मेरे खिलाफ राजनीति हो रही है. देर है लेकिन अंधेर नहीं है मुझे न्याय जरूर मिलेगा. किसकी जाति क्या है यह मुझे कोई व्यक्तिगत तौर पर नहीं बताएगा. यह मुझे मेरे कागज बताएंगे. याचिकाकर्ता ने कहा है कि मैं लबाना जाति से आती हूं जो महाराष्ट्र में एससी की श्रेणी में नहीं आता है लेकिन मुझे कई डिपार्टमेंट ने सर्टिफिकेट दिया है. शिवसेना के खिलाफ मेरी लड़ाई जारी रहेगी.
हाईकोर्ट ने यह फैसला अमरावती से शिवसेना के पूर्व सांसद आनंद अडसूल की याचिका पर सुनाया है, जिसमें उन्होंने राणा के जाति प्रमाण पत्र को अवैध बताया था. पिछले चुनाव में अमरावती सीट SC मतलब शेड्यूल कास्ट के लिए आरक्षित सीट थी और नवनीत राणा ( Navneet Rana ) ने जाति प्रमाण पत्र में खुद को एससी बताया था.
बॉम्बे हाईकोर्ट ने जाति प्रमाण पत्र को रद्द करते हुए सांसद नवनीत कौर राणा पर 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि 6 हफ्ते के भीतर नवनीत कौर राणा अपना सभी प्रमाण पत्र जमा करें. अमरावती संसदीय सीट आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र था. नवनीत कौर राणा यहां से चुनाव लड़ी थीं और जीत हासिल की थी. आनंद अड़सुल का आरोप था कि नवनीत कौर राणा ने जाली प्रमाण पत्र के आधार पर यहां से लोकसभा चुनाव लड़ी और जीत हासिल की थी. अब कोर्ट के फैसले के बाद उनकी सदस्यता जाने का भी खतरा दिखाई दे रहा है.
आपको बता दें कि नवनीत राणा ने 2014 में राजनीति में एंट्री की थी. पहले उन्होंने एनसीपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, मगर हार का सामना करना पड़ा था. हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में नवनीत राणा एनसीपी से अलग होकर अमरावती से निर्दलीय मैदान में उतर गईं और चुनाव में जीत भी हासिल की. नवनीत राणा के पति रवि राणा महाराष्ट्र के विधायक हैं.

Lorem ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry.