Wednesday, 2 June 2021

मृतक विद्या पाटील के परिवार के एक सदस्य को रेलवे में नौकरी तथा मुवायजा देने की मांग

 


Mithilesh Gupta

डोंबिवली : - 30 मई रविवार को सायंकाल 7 बजे के आसपास कलवा मुंब्रा के बीच में लोकल ट्रेन में यात्रा कर रहीं डोंबिवली की निवासी विद्या ज्ञानेश्वर पाटिल की चोर के द्वारा मोबाइल छीनने के दौरान मृत्यु हो गयी, विद्या पाटिल प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती थी, उनके 3 छोटे छोटे बच्चे हैं ।


गौरतलब हो कि, विद्या पाटिल की मृत्यु रेलवे की लापरवाही और सुरक्षा की अनदेखी के कारण हुई, इसी विषय को लेकर भारतीय जनता पार्टी उत्तर मुंबई जिला उपाध्यक्ष, नगरसेविका व अध्यक्षा शिक्षण समिति मुंबई मनपा रितु तावड़े, सुनील शुक्ल, अध्यक्ष भा.ज.पा., उ.भा. म. डोंबिवली पश्चिम, त्रिलोकी नाथ जायसवाल समाज सेवक आदि ने महा प्रबंधक और डी. आर.एम. मध्य रेलवे, व डी एस पी, आर पी एफ मध्य रेलवे से मुलाकात करके ज्ञापन दिया और मृतक के आश्रित को रेलवे में नौकरी तथा मुवायजा शीघ्र देने की मांग की हैं । इसके बाद पूरा प्रतिनिधिमंडल डोंबिवली जाकर विद्या पाटिल के परिवार से मुलाकात करके संवेदना प्रकट की।

● क्या है घटना 

डोंबिवली में रहने वाली विद्या पाटिल के परिवार में उनके पति और तीन छोटी बेटियां हैं। पूर्वा ( 9 वर्ष ) , मेघा ( 6 वर्ष ), परी ( 7 महीने ) तीनो बेटियों के नाम है । विद्या मुंबई में एक निजी कंपनी में काम करती थी और शनिवार की शाम को लोकल से यात्रा कर रही थी। लोकल के महिला डिब्बे में केवल पांच महिलाएं यात्रा कर रही थीं। लोकल कलवा रेलवे स्टेशन से गुजर रहा था तभी एक मोबाइल चोर लोकल में घुस गया। इसके बाद उसने विद्या पाटिल के हाथ से मोबाइल छिनने का प्रयास किया। लेकिन विद्या ने उसका विरोध किया। इस संघर्ष में विद्या का संतुलन बिगड़ गया वह लोकल से नीचे उतरी लेकिन प्लेटफार्म खत्म होने से वह नीचे गिर पड़ी और 

विद्या पाटिल की मौत हो गई। उनके जाने से बेटियों के सिर से माँ का साया उठ गया है ।

Lorem ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry.