एंटीलिया और मनसुख मर्डर केस:गिरफ्तार पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा को 28 जून तक NIA कस्टडी में भेजा गया, घर से बरामद हुए विस्फोटक कांड से जुड़े कई सबूत


एंटीलिया और मनसुख मर्डर केस में बुधवार को नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने पूर्व ACP एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें स्पेशल NIA कोर्ट में पेश किया गया। जहां कुछ देर की सुनवाई के बाद आदालत ने उन्हें 28 जून तक NIA कस्टडी में भेज दिया है। शर्मा के साथ NIA ने मनीष सोनी और सतीश त्रिभुतकर को भी अरेस्ट किया है। NIA ने अदालत में बताया कि मनसुख की हत्या में इन दोनों का भी हाथ है।

गिरफ्तारी से पहले शर्मा के अंधेरी ईस्ट के भगवान भवन अपार्टमेन्ट में रेड हुई और यहां कई घंटे तक शर्मा से पूछताछ भी हुई। एक दर्जन से ज्यादा की संख्या में NIA के लोग शर्मा के घर को खंगाल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, शर्मा के मोबाइल फोन, लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को NIA ने जब्त किया है। शर्मा पर एंटीलिया केस में सबूत मिटाने और साजिश में शामिल होने का आरोप है।

​​​​​​NIA जानना चाहती है कि प्रदीप शर्मा, बर्खास्त किए गए API सचिन वझे और पूर्व कॉन्स्टेबल विनायक शिंदे के संपर्क में थे या नहीं। मनसुख हिरेन की हत्या के केस में अरेस्ट किया गया पूर्व कॉन्स्टेबल विनायक शिंदे भी शर्मा का करीबी रहा है। ​शिवसेना के टिकट पर चुनाव लड़ चुके शर्मा ठाणे की एंटी एक्सटॉर्शन सेल में रह चुके हैं। 90 के दशक में उन्हें मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम में शामिल किया गया था। इस टीम को अंडरवर्ल्ड के सफाए का जिम्मा सौंपा गया था। यहीं से शर्मा एनकाउंटर स्पेशलिस्ट बने।

4 सवालों के जवाब से समझिए गुरु-चेलों और केस का कनेक्शन

1. शर्मा NIA के रडार पर क्यों आए?
सूत्रों के मुताबिक, NIA के पास प्रदीप शर्मा और सचिन वझे की एक मीटिंग की जानकारी है। जांच के दौरान एजेंसी को पता चला कि मनसुख के मर्डर से कुछ दिन पहले वझे ने अंधेरी इलाके में एक व्यक्ति से मुलाकात की। प्रदीप शर्मा भी इसी इलाके में रहते हैं। शक है कि मीटिंग वझे और शर्मा के बीच हुई। एक CCTV फुटेज में वझे और शिंदे बांद्रा वर्ली सी लिंक पर कार में बैठे दिखाई दिए। एजेंसी का मानना है कि ये दोनों अंधेरी में शर्मा से मिलने ही जा रहे थे। मनसुख को जिस नंबर से कॉल कर बुलाया गया, उसका आखिरी लोकेशन भी अंधेरी का जेबी नगर था। NIA ने वझे को साथ लेकर 3 अप्रैल की रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक अंधेरी में कई इलाकों में छापे भी मारे थे।

2. NIA शर्मा से क्या जानना चाहती है?
NIA जानना चाहती है कि शर्मा ने आखिरी बार वझे से मुलाकात कब की? क्या शर्मा के नौकरी छोड़ने के बाद भी वझे उनके संपर्क में था? क्या शर्मा की वझे और शिंदे के साथ मीटिंग हुई? क्या वझे और शिंदे ने शर्मा से मनसुख हिरेन के बारे में कोई बात कही थी?

3. वझे और शर्मा का क्या कनेक्शन है?
2007 में जब वझे को सस्पेंड किया गया था, उसके बाद उसने शिवसेना ज्वॉइन की थी। माना जाता है शर्मा की शिवसेना में एंट्री करवाने वाला वझे ही था। हालांकि, शिवसेना की ओर से यह लगातार कहा जाता रहा कि 2008 के बाद उन्होंने वझे की सदस्यता को रिन्यू नहीं किया था। प्रदीप शर्मा को ही वझे का गुरु कहा जाता है। वे खुद नालासपोरा विधानसभा से शिवसेना के टिकट पर 2019 में चुनाव लड़ चुके हैं।

4. शर्मा के कितने करीब है विनायक शिंदे?
उधर, शिंदे 10 साल तक उसी एनकाउंटर टीम का हिस्सा रहा, जिसमें शर्मा भी थे। छोटा राजन के गुर्गे लखन भैया का फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप शर्मा, शिंदे समेत पूरी टीम पर लगा था। आरोप था कि मुंबई के बिल्डर जनार्दन भांडे से पैसा लेने के बाद लखन का एनकाउंटर किया गया। शर्मा को सस्पेंड भी किया गया था, लेकिन बाद में वे कोर्ट से बरी हो गए थे। विनायक इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था। वह पैरोल पर बाहर आया था और इसी दौरान मनसुख मर्डर केस सामने आया।


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