अंबानी केस में SACHIN VAJHE पर गिरी बड़ी गाज, निलंबन के बाद अब पुलिस सेवा से भी बर्खास्त

 

अंबानी केस में सचिन वाझे पर गिरी बड़ी गाज, निलंबन के बाद अब पुलिस सेवा से भी बर्खास्त

मुकेश अंबानी के घर विस्फोटक कार मिलने और कारोबारी मनसूख हिरेन की मौत के मामले में आरोपी सचिन वाझे पर बड़ा एक्शन हुआ है। मुंबई पुलिस के पूर्व अधिकारी सचिन वाझे को पहले निलंबित किया गया और अब पुलिस की सेवा से बर्खास्त भी कर दिया गया है। मंगलवार को मुंबई पुलिस ने बताया कि सचिन वाझे को पुलिस की सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। बता दें कि सचिन वाझे 13 मार्च को गिरफ्तार किया था।

अंबानी सुरक्षा चूक मामले की जांच के दौरान एनआईए अपराध खुफिया इकाई में वाजे के साथ काम करने वाले सहायक पुलिस निरीक्षक रियाजुद्दीन काजी और पूर्व पुलिसकर्मी विनायक शिंदे तथा क्रिकटे सटोरिये नरेश गोर को भी गिरफ्तार कर चुकी है। काजी को भी निलंबित कर दिया गया है। एंटीलिया केस के अलावा, सचिन वाझे मनसूख हिरने की मौत मामले में भी जांच के दायरे में हैं। 5 मार्च को मुंबई में मनसूख हिरेन की लाश मिली थी। बताया जाता है कि 25 फरवरी को अंबानी के घर के पास जिस गाड़ी को खड़ी की गई थी, वह मनसूख की ही थी। इसके बाद 13 मार्च को सचिन वाझे को  गिरफ्तार किया गया।

दरअसल, उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिली विस्फोटक वाली कार और मनसुख हिरेन की हत्या मामले में गिरफ्तार पुलिस अधिकारी सचिन वाझे का खेल यहीं तक सीमित नहीं था। एनआईए के सूत्रों का कहना है कि वाझे आतंकी संगठन के नाम पर एक और बड़ी साजिश की प्लानिंग में जुटा था। वह फर्जी मुठभेड़ भी करने वाला था। इससे पहले कि सचिन वाझे अपनी दूसरी साजिश को अंजाम दे पाता वह अपने ही बुने जाल में फंस गया और अब एनआईए की कैद में है।एनआईए के सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि सचिन वाझे पासपोर्ट होल्डर और एक अन्य व्यक्ति को खत्म करना चाहता था और इसके बाद जिलेटिन वाली कार को एंटीलिया के बाहर रखने का दोषी उन्हें बताने वाला था।  सचिन वाझे के घर पर 17 मार्च को छापेमारी के दौरान पासपोर्ट मिला था। 

अप्रैल में ही शुरू हो गई बर्खास्तगी की प्रक्रिया
दरअसल, मुंबई पुलिस ने सचिन वाझे की बर्खास्तगी की प्रक्रिया अप्रैल महीने में ही शुरू कर दी थी। मुंबई पुलिस की विशेष शाखा ने हाल ही में महाराष्ट्र के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) को पत्र लिखकर मामले के संबंध में दस्तावेज देने को कहा था। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि इसमें हिरन की मौत के संबंध में दर्ज प्राथमिकी की प्रति और उनकी पत्नी का बयान भी शामिल है, जिसमें उन्होंने हिरन की मौत के मामले में वाजे की भूमिका होने का संदेह जताया था। उन्होंने कहा कि एटीएस ने मुंबई पुलिस को दस्तावेज मुहैया करा दिये हैं।

अधिकारी ने कहा कि विशेष शाखा ने एनआईए से भी ऐसे ही दस्तावेज मांगे थे। सूत्रों ने कहा कि दस्तावेज प्राप्त करने के बाद विशेष शाखा ने हाल ही में संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत वाजे को सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। एटीएस और एनआईए से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर विशेष शाखा ने वाझे को सेवा से बर्खास्त करने का एक प्रस्ताव सरकार को भेजा, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। 

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