Ulhasnagar: इंस्पेक्टर श्रीकांत धरणे और उनकी टीम ने पेश की मानवता की मिसाल

 


पिछले साल से कोविड-19 ने जहां पूरी दुनिया को डरा रखा है,  वहीं अपने घर-परिवार के लोग एक दूसरे से दूरी बनाए हुए हैं। यहां तक की सगे संबंधी हो या दोस्त मित्र...कोई इस बीमारी के डर से किसी की मदद तक नहीं कर रहा। वहीं 1 साल से देश में फ्रंट पेज पर डॉक्टर, नर्स और पुलिस ही एक संगठन है जो दिन रात एक किए लोगों की जान बचाने के लिए इस बीमारी से बिना डरे डटे हुए हैं।  भले ही  कई परिवारों ने अपना चिराग खो दिया। कई ऐसे योद्धा पब्लिक की रक्षा करते करते अपनी जान तक दे गए। कई ऐसे पुलिसकर्मी अभी भी ऐसे ही अपने परिवार तक से दूर रहकर हमारी सुरक्षा के लिए अपनी जान तक जोखिम में डाल रहे हैं। ऐसे ही एक मिसाल हैं ठाणे पुलिस के उल्लासनगर ट्रैफिक डिपार्टमेंट के इंस्पेक्टर श्रीकांत धरणे और उनकी टीम।  एक ओर जहां श्रीकांत धरणे ने अपने परिवार से दूर रहके उल्लासनगर की जनता का सुरक्षित रखे हुए हैं वहीं उल्हासनगर जैसे औधोगिक शहर की ट्रैफिक समस्या को भी अपनी काबिलियत से संभाले हुए हैं । वहीं उसकी टीम भी कम नहीं वही उसको की टीम भी कम नहीं। उनकी टीम में कई ऐसे कर्मचारी भी हैं जो एक किले की तरह एक जगह रुक कर ट्रैफिक समस्या के साथ-साथ लोगों की व्यक्तिगत समस्या को भी हल करने में लगे हैं ऐसे ही एक  हेड कांस्टेबल है जितेंद्र चव्हाण है,  जो जॉब ड्यूटी पर रहते हैं तो इंस्पेक्टर के काम भी करने में देर नहीं लगाते। ये वही जितेंद्र उर्फ जीतू चव्हाण हैं जिन्होंने लॉक डाउन की शुरुआत में कई लोगों को अपनी गाड़ी पर घर तक यहां तक कई बार लोगों को हॉस्पिटल तक ले जाकर इलाज तक करवाएं। ये काम एक पुलिसकर्मी का नहीं, बल्कि स्थानीय मनपा  के हेल्थ विभाग का है फिर भी मानवता के नाते इन्होंने कभी यह नहीं सोचा कि ये मेरा काम है कि नहीं। एक इंसान की जान को हमेशा ही उन्होंने तहजीब दी।  अभी हाल में एक ऐसा ही मामला देखने को मिला जब एक महिला रास्ते में जा रही थी तो अचानक महिला को एक गाड़ी ने ठोक दिया। जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई। जैसे ही जीतू चव्हाण ने देखा तो जल्दी से अपने कंधे पर उठाकर एक ऑटो में बिठाकर हॉस्पिटल ले गए और उस बुजुर्ग महिला का इलाज ठीक टाइम पर करवाया गया। इसके चलते कई न्यूज़पेपर में और सोशल मीडिया पर इनके काम की तारीफ हुई और कई संगठनों ने उनको सम्मानित किया। वहीं कल गुरुवार शाम को उल्हासनगर मनसे टीम जैसे मैनुद्दीन शेख के नेतृत्व में कालू थोराट, राहुल केलकर, अमित फंडे, विष्णु जाधव, रवि और सचिन सहित कई नेताओं ने जीतू चव्हाण को और इंस्पेक्टर श्रीकांत धरणे को पुष्प और शॉल देकर सम्मानित किया। 




इंस्पेक्टर धरणे और उनकी टीम हमेशा से ही पब्लिक और कानून को साथ लेकर चलने में यकीन रखती है। यही कारण है कि आज जहां देश भर में ट्रैफिक पुलिस और जनता के बीच कई जगह गुस्सा विद्रोह देखा जाता है, वहीं उल्हासनगर में ये पहले से कम देखा गया है। और कहीं किसी बात पर व्यापारी या गाड़ी चालक किसी कर्मचारी से नाराज या कहा सुनी पर आ जाते हैं तो इंस्पेक्टर धरणे दोनों तरफ को समझा-बुझाकर मामला शांत कर देते हैं। धरणे का कहना है कि हमारा काम है पब्लिक को सुरक्षा देना और करना। अगर हम ही उलझने लगे तो क्या मैसेज जाएगा समाज में। गलती किसी की भी हो हमारा काम है सबको साथ लेकर चलना और पब्लिक को भी यह समझना चाहिए कि हम जनता के नौकर हैं और हम अपना घर परिवार से दूर रह कर आपकी सेवा और सुरक्षा के लिए आये हैं। बस आप हमेशा आप हमारा साथ देते रहे। अधिकारी को या कर्मचारी इन सभी को इज्जत देते रहें तभी हमारा मनोबल बढ़ेगा आपकी सेवा और कानून-व्यवस्था अच्छी बनाये रखने में।

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