Thursday, 22 April 2021

PARAMBIR सिंह के खिलाफ एक और जांच का आदेश, इंस्पेक्टर ने की थी शिकायत

 परमबीर सिंह के खिलाफ एक और जांच का आदेश, इंस्पेक्टर ने की थी शिकायत


डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य सरकार ने मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के खिलाफ एक और मामले में जांच के आदेश दिए हैं। गांवदेवी पुलिस स्टेशन में तैनात अनूप डांगे नाम के इंस्पेक्टर ने सिंह पर भ्रष्टाचार और अंडरवर्ल्ड से संबंध रखने का आरोप लगाते हुए दो महीने पहले गृहविभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा था। अब डांगे की शिकायत को आगे की जांच के लिए राज्य के पुलिस महानिदेशक संजय पांडे के पास भेज दिया गया है।
अपनी शिकायत में डांगे ने दावा किया है कि साल 2020 में एक पब मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से नाराज सिंह ने उन्हें निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए थे। 

डांगे का यह भी दावा है कि 2019 में जब वे देर रात चल रहे पब को बंद कराने पहुंचे तो उसके मालिक ने सिंह के साथ अपने नजदीकी रिश्तों का दावा करते हुए उन्हें हड़काने की कोशिश की थी। उनका आरोप है कि पब के मालिक ने हवलदार पर हमला करने वाले आरोपियों की फरार होने में मदद भी की थी। डांगे के मुताबिक कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उन्हें फोन कर पब के मालिक और एक फिल्म फाइनेंसर के पोते के खिलाफ मामला न दर्ज करने को कहा लेकिन जब उन्होंने सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली तो उन्हें अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। शिकायत में डांगे ने कहा कि मुंबई पुलिस कमिश्नर बनाए जाने के बाद सिंह ने उन्हें निलंबित कर उनके खिलाफ जांच शुरू करवा दी। बाद में एक रिश्तेदार के जरिए सिंह ने उसने बहाली के लिए पहले दो करोड़ फिर एक करोड़ रुपए मांगे। मामले में सबूत होने का दावा करते हुए डांगे ने सिंह के खिलाफ जांच की मांग की थी। 

बता दें कि परमबीर सिंह को मुंबई पुलिस आयुक्त पद से हटाए जाने के बाद डांगे को मुंबई पुलिस में बहाल कर दिया गया है। सिंह के खिलाफ इससे पहले सचिन वाझे मामले में एक जांच चल रही है। मुंबई पुलिस आयुक्त हेमंत नागराले की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने डीजीपी पांडे को जांच सौंपी है अगले कुछ सप्ताह में इस मामले में वे सरकार को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप सकते हैं। अपनी रिपोर्ट में नागराले ने कहा था कि सिंह के निर्देश पर ही वाझे को सीआईयू की कमान सौंपी गई थी और वे वह सीधे सिंह को रिपोर्ट करता था।  

Lorem ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry.