अब मंत्री अनिल परब का गिरेगा विकेट। सचिन वाझे ने NIA को लिखा लेटर- हां, अनिल देशमुख ने उगाही करने को कहा था, मंत्री अनिल परब पर भी सनसनीखेज आरोप

 

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एंटीलिया केस और मनसुख हिरेन की हत्या केस में गिरफ्तार निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाझे ने मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के आरोपों पर मुहर लगा दी है। सचिन वाझे ने एनआईए को लिखे लेटर में आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख और राज्य के ट्रांसपोर्ट मंत्री अनिल परब ने उन्हें उगाही करने को कहा था। इससे पहले परमबीर सिंह ने भी आरोप लगाय था कि देशमुख ने ही वाझे को हर महीने 100 करोड़ रुपए उगाही का टारगेट दिया था।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, सचिन वाझे ने एनआई को हाथ से लिखे लेटर में दावा किया है कि एनसीपी चीफ शरद पवार मुंबई पुलिस में उसकी बहाली के विरोध में थे। अनिल देशमुख ने उसे (वाझे) कहा था कि यदि वह 2 करोड़ रुपए लाकर देगा तो वह शरद पवार को मना लेंगे। वाझे ने यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब ने भी उसे बीएमसी से जुड़े 50 ठेकेदारों से 2-2 करोड़ रुपए उगाही करने को कहा था। चार पेज के इस लेटर को वाझे ने एनआईए कोर्ट को सौंपा है। 

सचिन वाझे ने दावा किया है कि अनिल देशमुख ने उसे अक्टूबर 2020 में साहाद्री गेस्ट हाउस में बुलाया और मुंबई में 1650 बार और रेस्त्रां से उगाही करने को कहा। हालांकि, वाझे ने यह भी कहा है कि उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। वाझे ने लेटर में लिखा है कि अनिल देशमुख ने एक बार फिर जनवरी 2021 में ऐसा करने को कहा। उसकी यह मुलाकात देशमुख के आधिकारिक बंगले पर हुई थी। इस दौरान मंत्री के पीए कुंदन भी वहां मौजूद थे। वाझे के मुताबिक, मीटिंग में देशमुख ने हर बार और रेस्त्रां से 3-3.5 लाख रुपए वसूलने को कहा।

सचिन वाझे ने यह भी दावा किया है कि महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट मंत्री और शिवसेना नेता अनिल परब ने भी उगाही करने को कहा था। वाझे ने कहा है कि अनिल परब ने जुलाई-अगस्त 2020 में मुलाकात की थी और सैफी बुरहानी अपलिफ्टमेंट ट्रस्ट (SBUT) से 50 करोड़ वसूलने को कहा था, जिसके खिलाफ जांच चल रही थी। 

वाझे ने लिखा है, ''जुलाई-अगस्त 2020 में मुझे मंत्री अनिल परब ने मुझे उनके आधिकारिक बंगले पर बुलाया। बैठक में परब ने मुझे शिकायत में शुरुआती जांच देखने और ट्रस्टीज से तोलमोल करने को कहा। उन्होंने मुझे जांच बंद कराने के नाम पर SBUT से 50 करोड़ लाने को कहा। मैंने इसमें असमर्थता जताई क्योंकि SBUT में किसी को नहीं जानता था और जांच पर मेरा कोई नियंत्रण नहीं था।''

लेटर में वाझे ने आगे लिखा है कि अनिल परब ने एक बार फिर जनवरी 2021 में बुलाया और बीएमसी के कुछ ठेकेदारों के खिलाफ जांच और प्रत्येक से 2 करोड़ रुपए वसूलने को कहा। वाझे ने लिखा, ''उन्होंने मुझे ऐसे 50 ठेकेदारों से कम से कम 2 करोड़ रुपए लाने को कहा।'' वाझे ने यह भी दावा किया है कि उसने अनिल देशमुख और अनिल परब से उगाही को लेकर मिले आदेश के बारे में पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को सूचित किया था। वाझे ने यह भी कहा है कि परमबीर सिंह ने उन्हें इन मांगों को नहीं मानने को कहा था।

उद्योपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक वाली कार और इसके मालिक मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में गिरफ्तार वाझे इस समय एनआईए की रिमांड पर है और बुधवार को ही स्पेशल कोर्ट ने सीबीआई को भी उससे पूछताछ की इजाजत दी है। मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह की ओर से देशमुख पर लगाए गए आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। 

परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने ही वाझे को हर महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट दिया था और इसके तरीके भी बताए थे। उन्होंने मुंबई में 17 सौ से अधिक बार और रेस्त्रां से वूसली करने को कहा था। हाई कोर्ट की ओर से इस केस की जांच सीबीआई से कराए जाने के आदेश के बाद अनिल देशमुख को पद से इस्तीफा देना पड़ा है। हालांकि, उद्धव सरकार अभी भी देशमुख का बचाव कर रही है और इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

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