महाराष्ट्र: Lockdown के विरोध में सड़कों पर उतरे व्यापारी, कहा- आईपीएल मैचों के आयोजन पर कोई पाबंदी नहीं, छोटे दुकानदार हो रहे हैं परेशान

 महाराष्ट्र: Lockdown के विरोध में सड़कों पर उतरे व्यापारी, कहा- आईपीएल मैचों के आयोजन पर कोई पाबंदी नहीं, छोटे दुकानदार हो रहे हैं परेशान

महाराष्ट्र में लॉकडाउन का विरोध

पूरे महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर व्यापारियों ने सड़कों पर उतर कर राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए वीकेंड लॉकडाउन और कड़े प्रतिबंधों का विरोध कर रहे हैं. सड़कों पर ज्यादातर छोटे व्यापारी हैं. बीजेपी इन व्यापारियों के विरोध का समर्थन कर रही है. खासकर मुंबई, ठाणे, नागपुर, अमरावती, पुणे, नासिक, सांगली में छोटे व्यापारियों ने सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर कड़े प्रतिबंधों में ढील देने की मांग की.

व्यापारियों ने मांग की है कि कड़े प्रतिबंधों के नाम पर राज्य में लॉकडाउन की स्थिति है. दुकानें बंद करवाई जा रही हैं. जबकि मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में वीकेंड लॉकडाउन की घोषणा की गई थी और बाकी दिनों में नाइट कर्फ्यू और दिन में धारा 144 की घोषणा हुई थी. लेकिन प्रशासन जिस तरह से कार्रवाई कर रहा है उससे छोटे व्यापारियों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है.

‘अमरावती में संक्रमण घटा, फिर प्रतिबंध क्यों बढ़ा?’

महाराष्ट्र की महिला बाल विकास मंत्री यशोमती ठाकुर ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर मौजूदा प्रतिबंधों को अमरावती जिले में कम करने की मांग की है. यशोमती ठाकुर के मुताबिक अमरावती जिले में कोरोना संक्रमण के चलते जो मरीजों की संख्या बढ़ी थी, वह बीते दिनों लॉकडाउन लगाने की वजह से कम हुई है. अमरावती में पूर्ण रूप से लॉकडाउन लगाया गया था और अब महाराष्ट्र सरकार द्वारा जो प्रतिबंध किए गए हैं, उसके वजह से जो छोटे व्यापारी हैं, उनको काफी मुश्किलें आ रही है. ऐसे में सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को अमरावती में कम किया जाए.

नासिक महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री ऐंड एग्रिकल्चर ने दी चेतावनी

इस बीच महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री ऐंड एग्रिकल्चर ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि अगर 8 अप्रैल तक लॉकडाउन का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो 9 तारीख से राज्यभर में दुकानें शुरू कर दी जाएंगी. राज्यभर के विविध व्यापारी संगठनों ने इससे पहले ऑनलाइन बैठक की. बैठक के बाद यह फैसला लिया गया.

मुंबई और नवी मुंबई में सैकड़ों की संख्या में व्यापारी सड़कों पर उतरे

मुंबई में भी कई जगहों पर व्यापारियों ने सड़कों पर उतर कर राज्य सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों पर विरोध जताया. कांदिवली में सड़कों पर उतरे व्यापारियों का कहना था कि प्रशासन वीकेंड लॉकडाउन के नाम पर पूरे वीक लॉकडाउन की स्थिति पैदा ना करे. जिस तरह से बसें, ऑटो, टैक्सी जैसी परिवहन व्यवस्था चालू रखी गई है उसी तरह किराना और अन्य दुकानों को भी बंद ना करवाया जाए.

नवी मुंबई के खारघर में व्यापारियों ने गांधीगिरी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया. 400 से 500 व्यापारी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से रास्तों पर उतरे. इस मौके पर व्यापारियों ने हाथों में नारे लिखी पट्टियां ली हुई थीं और ‘जीने दो, जीने दो..व्यापारियों को जीने दो’ जैसे नारे लगाए.

ठाणे के वसई-विरार के व्यापारी उतरे रास्तों पर

इसी तरह मुंबई से सटे ठाणे के वसई-विरार के व्यापारियों ने भी रास्तों पर उतर कर काले फीते बांधकर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया. इस विरोध प्रदर्शन में विरार पूर्व और पश्चिम, नालासोपारा, वसई के सैकड़ों व्यापारी सड़कों पर उतरे हैं और आवश्यक सेवाओं को छोड़ कर सभी दुकानों को बंद करने के निर्णय पर व्यापारियों में आक्रोश है.

कोल्हापुर में जिलाबंदी का निर्णय वापस लिया गया

इस बीच व्यापारियों और आम जनता का व्यापक विरोध को ध्यान मे रखते हुए जिला स्तर पर लागू लॉकडाउन का निर्णय वापस ले लिया गया. 24 घंटे में निर्णय वापस लिया गया कोल्हापुर में अन्य जिलों से आने वाले लोगों को जिले में एंट्री पर पाबंदी लगाई गई थी.

व्यापारियों के विरोध प्रदर्शन को विपक्ष का समर्थन

इसी तरह नागपुर, सांगली, पुणे और अन्य जिलों में भी व्यापारी सड़कों पर उतर कर राज्य सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इस संबंध में भाजपा नेता नीतेश राणे ने प्रतिक्रिया दी है कि मुंबई में आईपीएल मैचों के आयोजन में कोई बंदी नहीं है, जबकि इन छोटे व्यापारियों की दुकानें बंद करवाई जा रही हैं. ये राज्य सरकार द्वारा छोटे व्यापारियों पर अत्याचार नहीं तो क्या है? मनसे प्रवक्ता संदीप देशपांडे ने भी कहा कि हमने तो पहले ही ऐसे राज्य भर में असंतोष फैलने की आशंका जताई थी. डंडे के जोर पर लोकतंत्र नहीं चलता.

बता दें कि कल (मंगलवार) नेता प्रतिपक्ष ने भी राज्य सरकार पर आरोप लगाया था कि वीकेंड लॉकडाउन का नाम लेकर पूरे हफ्ते लॉकडाउन लगाया गया है. सिर्फ लॉकडाउन का नाम नहीं दिया गया है. मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने भी राज्य सरकार ने पूछा था कि उत्पादन की छूट और बिक्री में बंदी का मतलब क्या? जब माल बेचने पर पाबंदी होगी तो उत्पादन करने का मतलब क्या? उन्होंने छोटे दुकानदारों को दुकानें खुली रखने की छूट देने की मांग की थी. छत्रपति शिवाजी राजे के वंशज उदयनराजे ने भी लॉकडाउन पर पुनर्विचार करने की मांग की थी.

व्यापरियों के रास्ते पर उतरने का हुआ असर

व्यापारियों के रास्तों पर उतरने पर मुख्यमंत्री पर हुआ असर. शाम पांच बजे सीएम व्यापारियों की मांगों पर मंत्रिमंडल की उपसमिति की अहम बैठक बुलाई है. इससे पहले मुख्यमंत्री व्यापारी और उद्योग संगठनों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संवाद साधेंगे.

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