Sachin Waze Case: क्यों जा सकती है अनिल देशमुख की कुर्सी? जानिए तीन बड़ी वजहें

 Anil Deshmukh and Sachin Waze

सचिन वझे मामले में महाराष्ट्र सरकार की बदनामी के बाद देशमुख पर भी गाज गिर सकती है

हाइलाइट्स:

  • गृहमंत्री अनिल देशमुख को महाराष्ट्र के गृहमंत्री की पोस्ट से हटाया जा सकता है
  • सूत्रों की माने तो शरद पवार उनकी कार्यशैली से खुश नहीं है
  • सचिन वझे मामले में महाराष्ट्र सरकार की बदनामी के बाद देशमुख पर भी गाज गिर सकती है
  • देशमुख की वजह से महाराष्ट्र के गृह मंत्रालय की काफी बदनामी वझे मामले में हुई है
    मुंबई
    महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख (Home Minister Anil Deshmukh) को अब राज्य के गृह मंत्रालय से हटाए जाने की खबरों का बाजार गर्म हो गया है। सूत्रों की मानें तो शरद पवार (Sharad Pawar) वझे प्रकरण से काफी खफा हैं। अनिल देशमुख से स्पष्टीकरण के लिए उन्हें दिल्ली भी तलब किया गया था। आपको बता दें कि सचिन वझे मामले में मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को सरकार ने उनकी गलतियों की वजह से हटाकर हेमंत नागराले को मुंबई का कमिश्नर बनाया है।

    अब इस मामले में सरकार की हो रही छीछालेदर को देखते हुए अनिल देशमुख को भी हटाए जाने की आशंका जताई जा रही है। आइए आपको बताते हैं तीन बड़ी वजहें जिसके चलते देशमुख को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ सकती है।

    पहला) सूत्रों की माने तो जिस प्रकार से सचिन वझे का नाम अंबानी के घर के पास खड़ी स्कॉर्पियो में रखे विस्फोटक मामले में सामने आया है। उसको देखते हुए शरद पवार को यह लगता है कि देशमुख में गृह मंत्रालय चलाने की काबिलियत नहीं है। इस मामले की वजह से सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा है।


    दूसरा) दूसरी बड़ी वजह बताई जा रही है कि मुंबई पुलिस और सचिन वझे के कारण महाराष्ट्र के गृह मंत्रालय की जबरदस्त बदनामी इस पूरे प्रकरण में देश और दुनिया के सामने हुई है। जिसकी वजह से भी देशमुख के ऊपर इस्तीफे की तलवार लटक रही है।

    तीसरी) शरद पवार को यह भी लगता है कि इस मामले के बाद अनिल देशमुख का मनोबल काफी गिर गया है। मुख्यमंत्री पद के बाद सबसे महत्वपूर्ण विभाग माना जाने वाला गृह मंत्रालय उनके जिम्मे छोड़ना उचित नहीं होगा। इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि अब अनिल देशमुख की जगह जयंत पाटिल को गृह मंत्रालय दिया जा सकता है।

    देशमुख बोले सामान्य मुलाकात
    अनिल देशमुख ने पवार के साथ हुई इस मुलाकात को एक सामान्य और राज्य के काम से संबंधित बताया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अंबानी (Ambani Threat Case) और मनसुख हिरेन मामले में हो रही जांच से शरद पवार को अवगत कराया है। साथ ही नागपुर में एक विदेशी कंपनी के निवेश को लेकर पवार से मदद की मांग की है। ताकि यह कंपनी राज्य के विदर्भ इलाके में निवेश जरूर करे।


    कई मीटिंगों के बाद गयी थी सिंह की कुर्सी
    मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Parambir Singh) की कुर्सी भी ऐसी ही कई मैराथन मीटिंग के बाद गई थी। सबसे पहले शरद पवार और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की उनके निवास स्थान वर्षा पर मीटिंग हुई थी। उसी समय शरद पवार ने इस पूरे प्रकरण को लेकर अपनी नाराजगी उद्धव ठाकरे से जताई थी। जिसके बाद दूसरे दिन शरद पवार से दिल्ली में पार्टी के नेता और सांसद संजय राउत समेत शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने मुलाकात की थी और पार्टी का पक्ष बताया था। उसके बाद फिर से दो राउंड के मुलाकात मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की वर्षा पर हुई थी। इसी मीटिंग में परमबीर सिंह को हटाए जाने का मसौदा तैयार हुआ था।

    पहले भी उड़ी थी अफवाह
    यह कोई पहला मामला नहीं है जब गृहमंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे या फिर कुर्सी जाने का मामला सामने आया हो। अंबानी धमकी और मनसुख हिरेन हत्या (Mansukh Hiren Murder Case) मामले में कुछ दिन पहले भी अनिल देशमुख को पद से हटाए जाने की खबरें सुर्खियां बनी थीं। तब महाविकास अघाड़ी सरकार (Mahavikas Aghadi Government) के मंत्री और एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने कहा था कि यह कोरी अफवाह है और महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ही रहेंगे।

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