निकाय चुनाव: पंजाब में कांग्रेस की बड़ी जीत, बीजेपी और अकाली दल का सूपड़ा साफ, जानें AAP की क्या है स्थिति

 

बठिंडा नगर निगम में कांग्रेस की जीत के बाद जीते पार्षदों को बधाई देने पहुंचे वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल। - Dainik Bhaskar
बठिंडा नगर निगम में कांग्रेस की जीत के बाद जीते पार्षदों को बधाई देने पहुंचे वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल।

किसान आंदोलन के दौरान हुए पंजाब के नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस की एकतरफा जीत हुई है। सात निकायों में से छह पर कांग्रेस ने कब्जा जमाया है। सिर्फ मोगा ही ऐसा है, जहां 50 में से 20 सीटें कांग्रेस को मिली हैं। सातों नगर निगम की 350 सीटों पर सबसे ज्यादा कांग्रेस के 268 पार्षद जीते हैं। सीटों के लिहाज से दूसरे नंबर पर अकाली दल, तीसरे पर आम आदमी पार्टी और चौथे पर भाजपा है।

2015 में शिरोमणि अकाली दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाली भाजपा इस बार चौथे नंबर पर फिसल गई है। पिछली बार अकाली दल-भाजपा ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। तब सभी 6 नगर निगमों पर भाजपा और अकाली दल का कब्जा था। इस बार दोनों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा, क्योंकि कृषि कानूनों को लेकर दोनों पार्टियां अलग हो चुकी हैं।

नगर निगम चुनाव में इस बार 2302 वार्डों के लिए 9,222 उम्मीदवार मैदान में थे। पहली बार चुनाव में 2832 निर्दलीय चुनाव लड़े । 2037 कांग्रेस के और 1569 अकाली दल के उम्मीदवार थे। भाजपा के 1003, आप के 1606 और बसपा के 160 कैंडिडेट्स ने चुनाव लड़ा।

अबोहर में कांग्रेस को 50 में से 49 सीटें मिलीं, भाजपा का खाता नहीं खुला

अबोहर में कांग्रेस ने 50 में से 49 सीटों पर जीत हासिल की है। मात्र एक सीट अकाली दल के खाते में गई है। बठिंडा, अबोहर और कपूरथला में भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया है। यहां पर भाजपा खाता भी नहीं खोल पाई है। भाजपा को सबसे ज्यादा 11 सीट पठानकोट में मिली है।

बटाला में नगर काउंसिल थी। इसे पहली बार निगम का दर्जा मिला है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री अश्विनी सेखड़ी (तत्कालीन विधायक) के वोट की वजह से भाजपा काउंसिल अध्यक्ष बनाने में कामयाब हुई थी।

होशियारपुर में 10 से शून्य पर पहुंचा अकाली दल

होशियारपुर के 50 वार्डों में से पिछली दफा 10 पर जीत हासिल करने वाले शिरोमणि अकाली दल का इस बार खाता भी नहीं खुल सका। 41 पर कांग्रेस की जीत हुई, जबकि भाजपा को 4 सीट मिलीं। आम आदमी पार्टी ने इस चुनाव में अपना खाता खोला है और पार्टी को 2 सीटें मिली हैं, बाकी 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव जीते हैं।

भाजपा के हाथ से निकला पठानकोट

2015 में पठान कोट नगर निगम पर भाजपा का कब्जा था। इस बार यहां की 50 सीटों में से 37 कांग्रेस के पास गई है। भाजपा को सिर्फ 11 सीटें हासिल हुई हैं, पिछली बार उसे यहां 30 सीटें मिलीं थीं। अकाली दल को भी सिर्फ 1 सीट मिली है। हालांकि, उसे पिछली बार एक भी सीट नहीं हासिल हुई थी।

इस बार कहां, किसे और कितनी सीटें मिलीं

नगर निगमसीटेंकिसने कितनी जीती
अबोहर5049 कांग्रेस, 1 अकाली
बठिंडा5043 कांग्रेस, 7 अकाली
बटाला5035 कांग्रेस, 6 अकाली, 4 भाजपा, 3 AAP, 1 निर्दलीय
मोगा5020 कांग्रेस, 15 अकाली, 1 भाजपा, 4 AAP, 10 निर्दलीय
पठानकोट5037 कांग्रेस, 1 अकाली, 11 भाजपा, 1 निर्दलीय
होशियारपुर5041 कांग्रेस, 4 भाजपा, 3 AAP, 3 अन्य
कपूरथला5043 कांग्रेस, 3 अकाली, 4 अन्य

2015 में हुए नगर निगम चुनाव की स्थिति

निकायकिसे कितनी सीटें मिली
अबोहरकांग्रेस 13, अकाली दल 4, भाजपा 12, निर्दलीय 4
मोगाकांग्रेस 1, अकाली 41, भाजपा 6, निर्दलीय 2
बठिंडाकांग्रेस 8, अकाली 26, भाजपा 8, निर्दलीय 8
बटालाकांग्रेस 6, अकाली 18, भाजपा 11
पठानकोटकांग्रेस 11, भाजपा-30, निर्दलीय 9
होशियारपुरकांग्रेस 17, अकाली 10, भाजपा 22, निर्दलीय 2
कपूरथलाकांग्रेस 13, अकाली 9, भाजपा 6

नोट- अबोहर, बटाला और कपूरथला 2015 में नगर परिषद थीं।

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