भंडारा की तरह मुंबई के अस्पतालों में भी हो सकता है हादसा


डॉक्टर को भगवान का दूसरा रूप कहा जाता है. मगर मुंबई 1319 रजिस्टर्ड अस्पताल है ज्यादातर अस्पतालों में फायर NOC नहीं है,  उसी तरह से एम् पूर्व में सभी नर्सिंग होम और अस्पताल अवैध रूप से बने ईमारत या झोपडपट्टीयो में चल रहे है. ऐसा हम नहीं कह रहे है. बल्कि एम् पूर्व विभाग द्वारा दी RTI से पता चला है. 

मुंबई के RTI एक्टिविस्ट शकील अहमद शेख ने एम् पूर्व विभाग में सुचना अधिकार के अंतर्गत जानकारी मांगी थी कि, एम् पूर्व की हद में बिना लाईसेन्स के अवैध रूप से कितने नर्सिंग होम और अस्पताल चल रहे है, तथा जिन नर्सिंग होम और अस्पतालों को लाईसेन्स दिया गया है क्या उनके पास मुंबई अग्निशन दल तथा  ईमारत एवं कारखाना विभाग से NOC मिली है इसकी जानकरी मांगी थी.

 जानकारी की मुताबिक एम् पूर्व की हद में बिना लाईसेन्स के अवैध रूप से कुल 49 नर्सिंग होम और अस्पताल चल रहे है, और पूरे मुंबई में 1319 से ज्यादा नर्सिंग होम और अस्पताल  चल रहे है. इन अस्पतालों में किसी प्रकार लाइफ सेविंग बैकअप नहीं है. इन नर्सिंग होम और अस्पतालों में ऑपरेशन से लेकर औरतों की डेलिवरी तक कराई जाती है.  

और 39 नर्सिंग होम और अस्पतालों को लाईसेन्स दिया गया है. उन नर्सिंग होम और अस्पतालों को अग्निशन दल तथा  ईमारत एवं कारखाना विभाग से NOC नहीं मिली है

हाल में ही शकील शेख ने शिवाजी नगर पुलिस थाने को पत्र लिखा है और FIR दर्ज करने की मांग किया है, उक्त संबंध में शिवाजी नगर पुलिस ने एम पूर्व के वैधकीय अधिकारी डॉ हरीश नौनी को पत्र लिखकर FIR दर्ज करवाने के लिए स्टेटमेंट दर्ज करने के लिए बुलाया है, मगर आज संबंधित अधिकारी FIR दर्ज कराने शिवाजी नगर पुलिस थाने में हाजिर नही हुए।

शकील शेख के मुताबिक एम् पूर्व की हद में बिना लाईसेन्स के अवैध रूप से कुल 49 नर्सिंग होम और अस्पताल चल को MOH हरीश नाउनी ने सिर्फ नोटिस देकर अपना पलड़ा झाड़ लिया है. और जिन 39 नर्सिंग होम और अस्पतालों को अग्निशन दल तथा  ईमारत एवं कारखाना विभाग के बिना  NOC  लाईसेन्स कैसे दिया. अगर कोई हादसा होगा तो उसका जिम्मेदार कौन होगा.

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